For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

rajesh kumari's Discussions (9,804)

Discussions Replied To (12) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"प्रिय प्राची जी नव गीत के शिल्प पर इतनी विस्तृत सार्थक व्याख्या पढने को मिली बहुत अच…"

rajesh kumari replied May 7, 2013 to नवगीत ( एक परिचर्चा)

123 Nov 10, 2014
Reply by Rahul Dangi Panchal

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी दिल से शुक्रिया इस गंगोदक सवैया छंद का परिचय कराने हेतु पढ़कर बहुत अच्…"

rajesh kumari replied Dec 6, 2012 to गंगोदक सवैया [रगण X 8]

4 Sep 28, 2013
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी दुर्मिल सवैया पर विस्तृत जानकारी देने हेतु हार्दिक आभार "

rajesh kumari replied Dec 4, 2012 to दुर्मिल सवैया [दुर्मिल सवैया = सगण X 8]

27 May 8, 2013
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"जी सौरभ जी बहुत बार मैं बड़े बड़े कवियों के छंदों में इसी बात पर अटक जाती थी की दीर्घ…"

rajesh kumari replied Dec 4, 2012 to मत्तगयंद सवैया [भगण X 7 +गुरु+गुरु]

23 Dec 5, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी मत्तगयन्द सवैया के विषय में सम्यक जानकारी दी है नए सीखने वालों के लिए…"

rajesh kumari replied Dec 4, 2012 to मत्तगयंद सवैया [भगण X 7 +गुरु+गुरु]

23 Dec 5, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

"गीतिका छंद जो प्राय प्रार्थनाओं में हम लोग उच्चारित करते आये हैं उसके नियमों के विषय…"

rajesh kumari replied Nov 27, 2012 to गीतिका छंद

17 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आल्हा छंद जो हमारे हिंदी साहित्य का एक पुरातन विलुप्त प्राय छ…"

rajesh kumari replied Nov 27, 2012 to वीर छंद या आल्हा छंद

5 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जी सौरभ जी आपने सही कहा  आभार |"

rajesh kumari replied Sep 19, 2012 to 'मत्त सवैया' या 'राधेश्यामी छंद' :एक परिचय

15 Sep 24, 2012
Reply by Brajesh Kant Azad

"मत्त सवैया पर लिखी यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी इसके नियमों की जानकारी मिली जरूर कुछ लिखन…"

rajesh kumari replied Sep 19, 2012 to 'मत्त सवैया' या 'राधेश्यामी छंद' :एक परिचय

15 Sep 24, 2012
Reply by Brajesh Kant Azad

"वाह अम्बरीश जी उदाहरण स्वरुप अनुपम दोहों के माध्यम से बहुत लाभकारी पोस्ट प्रस्तुत की…"

rajesh kumari replied Jul 27, 2012 to सर्वोपरि दोहा लगे, अनुपम रूप-स्वरुप..(तेईस प्रकार के दोहे)

19 Sep 24, 2012
Reply by Brajesh Kant Azad

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
16 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service