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वेब दुनिया काउंटर (विश्व हिंदी सम्मलेन)

विश्व हिंदी सम्मलेन, भोपाल
10, 11, 12 सितम्बर 2015

Views: 247

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Comment by shree suneel on September 14, 2015 at 2:23am
निश्चय ही सुखकर रहा होगा वहाँ का अनुभव. महसूस कर सकता हूँ. ऐसे सम्मेलनों में हिस्सेदारी, मौजूदगी एक विशिष्ट अनुभव, परिपक्वता प्रदान करती है आदरणीय. बधाई आपको. सादर
Comment by shree suneel on September 14, 2015 at 2:23am
निश्चय ही सुखकर रहा होगा वहाँ का अनुभव. महसूस कर सकता हूँ. ऐसे सम्मेलनों में हिस्सेदारी, मौजूदगी एक विशिष्ट अनुभव, परिपक्वता प्रदान करती है आदरणीय. बधाई आपको. सादर
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 13, 2015 at 8:56pm
प्रिय मिथिलेश जी ,
आपके द्वारा संलग्न विश्व हिंदी सम्मलेन, भोपाल ( सितम्बर २०१५ ) के सभी चित्र देखे , अच्छा लगा, गर्व भी हुआ , आपका योगदान रहा है , सराहनीय है, एक विशिष्ट अनुभव हुआ होगा , आपको. हिंदी - दिवस हम हर वर्ष मनाते हैं , कुछ अच्छा करते हैं , कुछ मांग करते हैं. भाषा चलन की चीज़ है , जितना चलाएंगे उतना चलेगी , इसलिए आवश्यकता यह है कि उसे खूब और खूब चलायमान बनाया जाए। भाषा जितनी चलेगी लोग उतने ही उसकी और आकर्षित होंगे, आश्रित भी होगें , उसे हम आश्रय - दायिनी बनाये , उसके लिए कृपा / आश्रय न भी मांगे तो भी अच्छा होगा। उसे जन जन की भाषा बनाये , क्लिष्टता से दूर करें , सरल बनाएं , उसकी लोकप्रियता स्वयं बढ़ेगी।
……… मैं इस समय सम्प्रति कोस्टा रीका में हूँ , यहां भारत के प्रति लोगों में रूचि है , योग में , विशेषत: , कुछ लोगों में कृष्ण - भक्ति भी उल्लेखनीय है , उन लोगों में हिन्दी के प्रति स्वाभाविक रूचि एवं जिज्ञासा है। यहां की भाषा स्पैनिश है और अंग्रेजी भी कम लोग ही जानते हैं। संस्कृति भी स्पेनी है.
आपकी लगन एवं मनोरथ को बहुत बहुत शुभ कामनाएं।

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