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दोनों भाई हैं, ओ बी ओ परिवार के हैं, एक व्यंग और लघुकथा में माहिर तो दूजे ग़ज़ल और छंद विधा विशेषज्ञ.

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Comment by asha pandey ojha on June 3, 2015 at 3:57pm

बड़े भैया तो सौरभ दादा से लगे हैं ? छुटन भैया को नहीं पहचाना 

Comment by Satyanarayan Singh on June 3, 2015 at 10:29am

ओ बी ओ के राम लखन!  मोहक बालस्वरूप ! 

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on June 1, 2015 at 10:24pm

अहा! दुर्लभ चित्रदर्शन! अभिनन्दन!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 1, 2015 at 8:03pm

पहले तो हम चौंके कि ये फोटो यहाँ आया कैसे ! फिर तो सारी बातें खुलते गयीं ..

ये मेरे दोनों अनुजों का कमाल है .. . :-))


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 1, 2015 at 5:23pm

अरे इन्हें कौन नहीं पहचानेगा सौरभ जी और शुभ्रांशु जी

कृपया ध्यान दे...

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