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Satyanarayan Singh
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"आदरणीया ममताजी, इस  प्रयास हेतु हार्दिक बधाई "
May 19
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"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर,       प्रदत्त चित्र के मर्म को साकार करती शक्ति छंद पर आधारित सुन्दर रचना सृजन सादर बधाई स्वीकार करें.  अजब है नज़ारा यहाँ क्लास का नहीं ये विषय हास परिहास का न शिक्षक न शिक्षा न वातावरण हुआ…"
May 19
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी "
May 19
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी "
May 19
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय अशोक रक्ताले जी    जी आदरणीय दुसरे छंद की अंतिम पंक्ति में गड़बड़ हो गयी है इस और ध्यान दिलाने हेतु आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ.  निम्न शंशोधन कैसा होगा ? हुए कक्ष…"
May 19
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"वाह! प्रदत्त चित्र   पर बहुत सुन्दर रचना! आपको हार्दिक आदरणीय सतीश मापतपुरीजी "
May 19
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय शैख़ शहजाद उस्मानी जी "
May 19
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"प्रदत्त चित्रपर आधारित चौपई छंद में सुन्दर संदेशपरक सार्थक रचना की प्रस्तुति पर सादर बधाई स्वीकारें आदरणीय अखिलेश जी "
May 19
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"आदरणीय तस्दीक अहमद जी        प्रदत्त चित्र को सार्थक करती आपकी यह प्रस्तुति बहुत ही सुन्दर  सादर बधाई "
May 19
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"वाह! प्रदत्त चित के अनुकूल  बहुत सुन्दर रचना! आपको हार्दिक बधाई आदरणीय अजय गुप्ता जी "
May 19
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"आदरणीय अजय गुप्ता जी  प्रदत्त चित्र के अनुकूल  बहुत सुन्दर रचना! आपको हार्दिक बधाई\ भारत हो जग का सरताज, तभी आप पर होगा नाज़। .....वाह सुन्दर भाव "
May 18
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"आदरणीय तस्दीक अहमद जी   प्रदत्त चित्र पर को परिभाषित करती आपकी दोनों प्रस्तुतियां बहुत ही सुन्दर हैं   हालांकि   इस बार  छंदोत्सव के लिए  चौपाई छंद नहीं अपितु  चौपई छंद  में रचनाएँ अपेक्षित…"
May 18
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय अखिलेश जी सादर "
May 18
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"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय तस्दीक अहमद जी "
May 18
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 85 in the group चित्र से काव्य तक
"आपकी सराहना से आत्मिक  प्रसन्नता हुई हार्दिक आभार आदरणीय अजय गुप्ता जी "
May 18
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 85 in the group चित्र से काव्य तक
"परम आदरणीय सौरभ  जी सादर प्रणाम,  प्रस्तुति पर उपस्थित होकर प्रोत्साहित करने  के साथ साथ  बधाई एवं शुभकामनाओं हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद। त्रुटी की और ध्यानाकर्षित करने हेतु ह्रदय से आभार आदरणीय, रचनाएँ संकलित होने पर संशोधन के…"
May 18

Profile Information

Gender
Male
City State
Kalyan (Mumbai) महाराष्ट्र
Native Place
Pratapgarh Uttar Pradesh
Profession
State Government Service
About me
passionate about poem

Satyanarayan Singh's Blog

जताएं मातृ दिन पर हम

विधाता छंद 

जताएं मातृ दिन पर हम.....

जगत में मात के जैसा,नहीं दूजा दिखा भाई !

कहो माता कहो मम्मी, कहो चाहे उसे माई  !

पुकारे बाल माँ जब भी, तुरत वह दौडकर आई !

बुरा माना नहीं उसने, कभी मन बाल रुसवाई …

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Posted on May 13, 2018 at 3:30am — 4 Comments

कह-मुकरियाँ

कह-मुकरियाँ

जाऊँ जहाँ वहीं वह  होले,

संग संग वह मेरे डोले,

जीवन उसके बिना अलोन,

क्यों सखि साजन ? ना सेल फोन !

 

हाल चाल सब रखता मेरा,

हमदम सा वह मीत घनेरा,

मै कश्ती तो  वह है साहिल,

क्यों सखि साजन ? ना मोबाइल !

 

चहल पहल वह रौनक लाये,

महफिल में भी रंग जमाये,

उसके बिन जीवन है काहिल,

क्यों सखि साजन ? ना मोबाइल !

.

मौलिक व अप्रकाशित

 

 

 

Posted on May 1, 2018 at 3:00pm — 6 Comments

विहग निज चोंच में देखो,,,,,,

विहग निज चोंच में देखो,,,,,,

विहग निज चोंच में देखो, अहा! मछली दबोचे है|

फँसी खग कंठ में मछली, पड़े तन पर खरोंचे हैं ||

विहग औ मीन दोनों इक, सरीखे ही अबोले हैं |

मगर इक हर्ष दूजी भय, सँजोये आँख बोले हैं |१ |

उदर की भूख मिट जाए, यही चाहत विहग पाले |

वहीं पर मीन के देखो, पड़े हैं जान के लाले ||

सलामत जान की अपने, खुदा से चाहती मछली |

निवाला छूट ना जाए, यही मन सोचती बगुली |२ |



मौलिक और अप्रकाशित…



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Posted on March 30, 2018 at 1:30pm — 12 Comments

आँसू बहते आँख से

आँसू बहते आँख से, कौन जुगत हो बंद ?

जहाँ कुशल नलसाज के, असफल सारे फंद।  

असफल सारे फंद, काम ना कोई आये।    

केवल साँचा मीत, उसे तब कर दिखलाये।।    

सत्य जगत में मीत, वही कहलाता धाँसू।     

कर देता जो बंद, आँख से  बहते आँसू।।     

 

-    मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 5, 2017 at 8:00pm — 8 Comments

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At 1:02pm on October 27, 2016, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जनम दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं आपको श्री सत्यनारायण सिंह जी | प्रभु आपको सदा सुखी और स्वस्थ रखे | ज्योतिर्मय पर्व की भी अग्रिम मंगल कामनाए | शुभ शुभ !

At 7:27pm on October 27, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

सत्य नारायन जी

बार बार यह दिन आये i  ढेरो सी खुशिया लाये i

सादर i

At 4:41pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 10:32am on October 27, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें आदरणीय सत्यनारायण जी.."

At 9:13am on September 2, 2013, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

नारायण भाई- सप्रेम राधे- राधे॥ सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद॥

 
 
 

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