For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Satyanarayan Singh
  • Male
Share

Satyanarayan Singh's Friends

  • सतविन्द्र कुमार
  • harivallabh sharma
  • ram shiromani pathak
  • anwar suhail
 

Satyanarayan Singh's Page

Latest Activity

Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सादर,          कुण्डलिया छंद पर आधारित सुन्दर एवं सुगढ़ प्रस्तुति हेतु सादर बधाई प्रेषित है "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर,            ग़ज़ल /गीतिका पर आधारित आपकी दूसरी प्रस्तुति भी अति  सुन्दर लगी  हार्दिक बधाई "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया सुनन्दा झा        प्रदत्त चित्र को केंद्र में रख कर आपने बहुत ही मार्मिक रचना प्रस्तुत की है हार्दिक बधाई "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी        ताटंक छंद आधारित सुन्दर गीत की प्रस्तुति सादर बधाई "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"दोधक छंद 211 211 211 22 कानन से खग  नेह तजा है,  मानव के घर नीड सजा है । मानव गेह सुरक्षित माना, नीड जना इक बाल सुहाना ।। मानवता चिड़िया पहचाने, मानव क्यों इससे अनजाने ? चित्र यही कहता सबसे है, माँ शिशु खैर लहे रबसे है ।।    …"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर, चित्र को शाब्दिक करती  चौपाई छंद आधारित आपकी इस सुन्दर सुगढ़  प्रस्तुति हेतु सादर बधाई प्रेषित है.  माँ की ममता सबसे न्यारी|| जो इस नन्हें पर बलिहारी||    पंखों में जब दम आएगा|| छोड़ उसे ही उड़…"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सुरेश कुमार  जी  आम पीपल रहे नहीं,नहीं रहे बड़ नीम।देख कहाँ है घोंसला,जहाँ लौह का बीम।५।  सुन्दर एवं सही अभिव्यक्ति  चीख चीख कर कह रही,नव पीढ़ी ये आज।पेड़ लगाओ ढेर तुम,धरती के ये साज।६।      सुन्दर…"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर    बाहर  आँधी  चील हैं भीतर  मानव प्यारयही  सोच उसने  रचा घर  भीतर संसारमानव  को भी  चाहिए उसको रखे दुलारयही सोच खुद डाल दो अब दाने दो चार.... वाह! बहुत खूब   …"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी सादर,        प्रदत्त चित्र के भाव को साकार करती सुन्दर दोहावली मन को मुग्ध कर गयी सादर बधाई "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी        प्रदत्त चित्र के भाव को परिभाषित करती  चौपाई छंद में आपकी यह प्रस्तुति सुन्दर बन पड़ी है हार्दिक बधाई स्वीकार करें "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी       लक्ष्य पाने की प्रतीक्षा पूर्ण निष्ठा से करें।    चातकों सी धार धीरज दुख धरा के हम हरें।।....  सु-बोध"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतीश मापतपुरी जी सादर,       प्रदत्त चित्र के भाव को शब्दबद्ध करती  रूपमाला छंद पर आधारित आपकी इस सुन्दर प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय तस्दीक अहमद जी सादर,       चित्र के अनुरूप  भाव  व कथ्य से समृद्ध आपकी इस प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई   "
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय डॉ. गोपाल नारायण जी सादर,                    आशा-निराशा जग की धुरी है   होते यहाँ चालित जीव सारे आवर्त्त में है तथापि किश्ती माँ ही करेगी क्षण में किनारे .....सुन्दर और सटीक…"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 75 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी सादर           प्रदत्त चित्र को परिभाषित करती सुगढ़ सुन्दर प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय. रचना के भाव को आपने  सहजता से  शब्दबद्ध किया है चित्र का सम्यक वर्णन मन को भा गया.…"
Saturday
Satyanarayan Singh replied to Saurabh Pandey's discussion ओबीओ ’चित्र से काव्य तक’ छंदोत्सव" अंक- 73 की समस्त रचनाएँ चिह्नित in the group चित्र से काव्य तक
"परम आदरणीय मंच संचालक सौरभ जी सादर प्रणाम        "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक - 73 " के सफल संचालन  एवं त्वरित संकलन हेतु सादर बधाई प्रेषित है.  मुझे खेद है की, व्यस्तता  के कारण…"
May 21

Profile Information

Gender
Male
City State
Kalyan (Mumbai) महाराष्ट्र
Native Place
Pratapgarh Uttar Pradesh
Profession
State Government Service
About me
passionate about poem

Satyanarayan Singh's Blog

आँसू बहते आँख से

आँसू बहते आँख से, कौन जुगत हो बंद ?

जहाँ कुशल नलसाज के, असफल सारे फंद।  

असफल सारे फंद, काम ना कोई आये।    

केवल साँचा मीत, उसे तब कर दिखलाये।।    

सत्य जगत में मीत, वही कहलाता धाँसू।     

कर देता जो बंद, आँख से  बहते आँसू।।     

 

-    मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 5, 2017 at 8:00pm — 8 Comments

दो इतनी बस भीख मुझे ......

मत्तगयंद सवैया :-

============

 

दो इतनी बस भीख मुझे मन, और न माँग रहा कुछ स्वामी|

नाम जपे दिन रात सदा मुख, गान करे रसना गुण स्वामी||

रूप मनोहर देख सदा दृग, शीतल हो मन पावन स्वामी |

याचक “सत्य” करे विनती नित , शीश नवा पद पंकज स्वामी|१|

 

याद बड़ी शुभदायक औ तव, रूप बड़ा मन मोहक स्वामी|

भक्त कृपालु उदार मना तुम, भक्त कृपा लहते तव स्वामी||

बन्धु सखा गुरु मात पिता तुम, हो भव सागर तारक स्वामी|

जीवन की तुम आस प्रभो! तुम,हो…

Continue

Posted on February 21, 2017 at 11:30pm — 2 Comments

करूँ वंदना आज वागीश्वरी की.......

करूँ वंदना आज वागीश्वरी की, सुनो प्रार्थना माँ हमारी सभी।

भरो ज्ञान का मात भंडार ऐसे, लुटाऊँ जहाँ में न रीते कभी।।

विराजो सदा आप वाणी हमारी, फलीभूत हो कामना माँ सभी।

लिखूँ गीत गाऊँ सुनाऊँ ख़ुशी से, दुलारा जहाँ में कहाऊँ तभी।१।



दिलों में अँधेरा समाया सभी के, उजाला दिलों में करो ज्ञान से।

मुझे मात दो कंठ ऐसा सुरीला, झरे माँ सुधा गीत के गान से।।

करो लेखनी की जरा धार पैनी, निखारो सदा शिल्प के सान से।

कला पक्ष औ भाव दोनों सँवारो, सधे साधना आपके ध्यान…

Continue

Posted on February 1, 2017 at 12:30am — 7 Comments

सबसे अपावन क्रोध है, क्रोध ना मन में जनें !

थी भोर की बेला सुहानी, भीड़ गंगा तट जुटी !  

इक वृद्ध सन्यासी चला, गंगा नहा अपनी कुटी !

ओढ़े दुशाला राम नामी, गेरुवा पट रंग था !

 कर में कमंडल था सुशोभित, भस्म चर्चित अंग था !!

 

प्रभु नाम का शुभ जाप करता, साधु कुछ…

Continue

Posted on November 6, 2016 at 10:09pm — 4 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:02pm on October 27, 2016, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जनम दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं आपको श्री सत्यनारायण सिंह जी | प्रभु आपको सदा सुखी और स्वस्थ रखे | ज्योतिर्मय पर्व की भी अग्रिम मंगल कामनाए | शुभ शुभ !

At 7:27pm on October 27, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

सत्य नारायन जी

बार बार यह दिन आये i  ढेरो सी खुशिया लाये i

सादर i

At 4:41pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 10:32am on October 27, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें आदरणीय सत्यनारायण जी.."

At 9:13am on September 2, 2013, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

नारायण भाई- सप्रेम राधे- राधे॥ सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद॥

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/2)
"बहुत-बहुत आभार बसंत कुमार शर्मा जी । लेखन सार्थक हुआ ।"
4 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/2)
"बहुत-बहुत आभार प्रिय मोहित मुक्त जी ।"
4 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/2)
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी ।"
4 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on vijay nikore's blog post झंझावात
"मुहतरम जनाब विजय साहिब , बहुत ही सुंदर अहसास और भाव युक्त कविता हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/2)
"मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब , बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है , दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Samar kabeer's blog post 'महब्बत कर किसी के संग हो जा'
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब , बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है , दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ"
5 hours ago
Satyendra Govind is now a member of Open Books Online
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"जनाब बसंत कुमार साहिब , ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Samar kabeer's blog post 'महब्बत कर किसी के संग हो जा'
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, बहुत खूबसूरत गजल कही है आपने. बहुत मुबारकबाद कुबूलें. सादर."
6 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Samar kabeer's blog post 'महब्बत कर किसी के संग हो जा'
"वाह वाह लाजबाब "
7 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/2)
"बहुत खूब "
7 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"बेहतरीन ग़ज़ल "
7 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service