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Brajendra Nath Mishra
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Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"खींचा तानी की जद में सारे टूट गये उलझे रिश्ते सुलझाने में देर बहुत की| आदरणीया राजेश कुमारी जी, आपकी ग़ज़ल की हर पंक्ति भावपूर्ण है|| ऊपर दिया गया  शेर मुझे बहुत अच्छा लगा | वैसे सारे शेर बहुत उम्दा हैं| 'लक्ष्य साधने की जल्दी में…"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"क्यों खुश हुए महज एक दरिया को लांघ करकभी किसी समन्दर को भी उड़ान में रखना ।।अगर इल्म नहीं हो हवाओं की तहजीब काजला कर शमा कोई किसी तूफान में रखना ।। आदरणीया कनक हरलालका जी, आपकी ग़ज़ल के एक एक शेर दुष्यंत कुमार की याद दिला देते हैं| ऊपर दिए गए दोनों शेर…"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय डा. छोटेलाल सिंह जी, मेरी रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया पाकर मैं अभिभूत हूँ| ह्रदय तल से आभार |"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीया राजेश कुमारी जी, अपने मेरी रचना का सार्थक अनुमोदन कर मेरा उत्साहवर्धन किया है| सादर आभार|"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय कनक  हरलालका जी, आपके सार्थक अनुमोदन से मुझे सकारात्मक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्राप्त होता है| सादर आभार|"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय समर कबीर साहब, रचना पर आपके मुबारकबाद के लिए ह्रदय तल से आभार! आपने ब्याकरण दोष के तरफ इशारा करते हुए कुछ सुझाव दिए हैं| मैं विनम्रता पूर्वक उन सुझाव को स्वीकार करता हूँ| मैं असमंजस में हूँ | कविता में अगर तुम की जगह "तू" का…"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब, रचना पर आपके मुबारकबाद के लिए ह्रदय तल से आभार! आपने शब्द शिल्प पर कुछ सुझाव दिए हैं| मैं विनम्रता पूर्वक उन सुझाव को स्वीकार करता हूँ| मैं असमंजस में हूँ | कविता में अगर तुम की जगह "तू" का…"
May 12
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण जी, बहुत खूब , आपने "भ्रष्ट की अभिलषा" का मूल लक्ष्य "धन प्राप्ति" को बड़े ही ब्यँग्यपूर्ण ढंग से ब्यक्त किया है | साधुवाद|"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय तस्दीक अहमद जी, बेहतीन ग़ज़ल, हर एक शेर उम्दा, बधाई हो !"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, लक्ष्य को लक्ष्य करते, लक्ष्य साधते, लक्ष्य बांधते, लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाने को प्रेरित करते बेहतरीन दोहे | मेरा हार्दिक साधुवाद|"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"राह तेरी देखती हैं, ऊँची-ऊँची मंज़िलें। आदरणीय अजय गुप्ता जी, इन पंक्तियोंमें आपने जीवन- लक्ष्य का मर्म ही रख दिया है | पूरी कविता बहुत्त अच्छी बन पडी है| साधुवाद | "
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय मु. आरिफ साहब, हमेशा की तरह इन कटाक्षिकाओं में भी आपने अत्यंत सारगर्भित अर्थ लिए हुए प्रदत्त विषय को ब्यक्त किया है| साधुवाद |"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी, इस रचना पर आपकी सकारात्मक टिप्पणी से मेरा उत्साहवर्धन हुआ है| आपको ह्रदय तल से आभार |"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, आपने पूरी रचना की विभिन्न दृष्टिकोणों से इतनी अच्छी समीक्षा की है, इसके लिए बहुत बहुत आभार | आप मार्गदर्शन देते रहिएगा| सादर!"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, रचना पर आपका अनुमोदन पाकर अभिभूत हूँ | ह्रदय से आभार!"
May 11
Brajendra Nath Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-91
"आदरणीय मु. आरिफ साहब, रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए ह्रदय से आभार!"
May 11

Profile Information

Gender
Male
City State
Jamshedpur Jharkhand
Native Place
Jamshedpur
Profession
Writing poems and stories in Hindi, Earlier worked in Tata Steel as Sr Manager Flat Product Planning.
About me
To explore the new horizons of knowledge and make human beings more humane.

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At 5:19pm on December 10, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

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 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post देर तक ....
"आदरणीय narendrasinh chauhanजी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
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