For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er Kumar Nusrat
Share
 

Er Kumar Nusrat's Page

Latest Activity

रामबली गुप्ता commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"वाह भाई नुसरत जी वाह, क्या ग़ज़ल कही है। हर शैर उम्दा हुआ है। आनन्द आया पढ़कर। अव्वल तो हार्दिक बधाई स्वीकारें। कथ्य और शिल्प के सम्बन्ध में गिरिराज भाई जी और नीलेश भाई जी से सहमत हूँ। एक पुनः विचार कर देखिएगा। सादर"
Sep 17, 2017
Er Kumar Nusrat posted a blog post

गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं

सोने की चमक छोड़ के मिट्टी की तरफ हूं बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं तुम लोग तो जालिम के तरफदार हो लेकिन मैं आज भी इस देश में गांधी की तरफ हूं जब साथ दिया मैंने किसी अहले सितम का एहसास हुआ मुझको मैं गलती की तरफ हूं आंखो को मेरी ख्वाब ना दौलत के दिखाओ मैं भूख से बेचैन हूं रोटी की तरफ हूं मैं डूबने दूंगा ना गरीबों का सफीना तूफां के मुकाबिल हूं मैं मांझी की तरफ हूं ये शहर का माहौल मुबारक हो आपको मैं गांव का बाशिंदा हूं बस्ती की तरफ हूं नुसरत मेरी ग़ज़लें भी मोहब्बत से भरी हैं गौतम…See More
Sep 16, 2017
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"वाह वाह बहुत शानदार ग़ज़ल कही है आदरणीय..बधाई"
Sep 16, 2017
Afroz 'sahr' commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आदरणीय नुसरत जी ग़ज़लके लिए आपको बधाई!आदरणीय निलेश जी का सुझाव क़ाबिल ए ग़ौर है! में आदरणीय की बात से सहमत हूँ! सादर"
Sep 16, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आ. कुमार जी आपकी ग़ज़ल पर समर कबीर साहब, आ. गिरिराज जी और आ. निलेश शेवगाँकर जी अपनी बात कह ही चुके हैं गौर कीजिएगा। मेरी तरफ से आपको बधाई"
Sep 16, 2017
Nilesh Shevgaonkar commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आ. कुमार जी,मच पर आपको पहली बार पढ़ा है... अच्छा लगा.. ग़ज़ल  भावपूर्ण है.मतले में सानी में... में को मैं कर लें .ये शहर का माहौल मुबारक हो आपको..यह मिसरा आख़िर में थोडा मोच खाया है...बहर चूक रहा है ..अंतिम रुक्न 122 आना चाहिए 212 हो गया है…"
Sep 16, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आ. कुमार नुसरत भाई , खूब सूरत ग़ज़ल के लिये बधाइयाँ । एक बात कहना चाहता हूँ , आवश्यक नही कि आप सहमत हों , विचार अपने होते हैं .. उअला और सानी पर विचार करने से  , मतले मे क्या ऐसा नही लगता ..कि ..  अनजाने मे ही सही , बेटी की तुलना मिट्टी से…"
Sep 16, 2017
Er Kumar Nusrat commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आप सभी का बहुत बहुत आभार"
Sep 15, 2017
पंकजोम " प्रेम " commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"वाह उम्दा ग़ज़ल भाई जी वाह"
Sep 15, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Narnaul Haryana
Native Place
Narnaul
Profession
Ghazalkaar
About me
Engineer

Er Kumar Nusrat's Blog

गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं

सोने की चमक छोड़ के मिट्टी की तरफ हूं

बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं



तुम लोग तो जालिम के तरफदार हो लेकिन

मैं आज भी इस देश में गांधी की तरफ हूं



जब साथ दिया मैंने किसी अहले सितम का

एहसास हुआ मुझको मैं गलती की तरफ हूं



आंखो को मेरी ख्वाब ना दौलत के दिखाओ

मैं भूख से बेचैन हूं रोटी की तरफ हूं



मैं डूबने दूंगा ना गरीबों का सफीना

तूफां के मुकाबिल हूं मैं मांझी की तरफ हूं



ये शहर का माहौल मुबारक हो आपको

मैं…

Continue

Posted on September 13, 2017 at 11:00am — 13 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:32pm on November 22, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"बहुत ही उम्दा पेशकश हुई आदरणीय दिनेश कुमार जी। बहुत मुबारक़"
6 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीया मंजीत कौर जी , ख़ूबसूरत पेशकश के लिए दिली मुबारकबाद कबूल करें।"
10 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी, अच्छी ग़ज़ल हुई। बहुत मुबारक आपको"
15 minutes ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आदरणीय दंडपाणि नाहक जी , मुशायरे में सहभागिता के लिये मुबारक़। कुछ ख़याल बेहद उम्दा"
20 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब शकूर साहिब , अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं |"
20 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब नादिर साहिब आ दाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं | मतला यूं कर सकते हैं…"
24 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब वासुदेव साहिब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है , मतला और दूसरा शेर सही करना होगा , मुबारकबाद क़ुबुल…"
47 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"आदर्णीय समर कबीर साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिया तनाफुर पर विस्तृत जानकारी देने के लिये।"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब मोहन बेगोवाल साहिब, ग़ज़ल अभी और समय चाहती है, ज़्यादातर मिसरे बे बहर और रब्त की कमी के मारे…"
2 hours ago
दिनेश कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"ज़रूर सर। आपसे बात करना सौभाग्य होगा। "
2 hours ago
दिनेश कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"पता नहीं सर, नादिर शाह ही ज़बान पर चढ़ता है। शुक्रिय…"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"कभी फ़ोन कीजियेगा मज़े की बातें बताऊंगा आपको ।"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service