For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

vibha rani shrivastava
  • Female
  • Patna Bihar
  • India
Share

Vibha rani shrivastava's Friends

  • सुनीता अग्रवाल"नेह"
  • salman ahmad khan {Advocate}
  • Dr Ashutosh Mishra
 

vibha rani shrivastava's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
Patna
Native Place
Siwan
Profession
home maker
About me
सीखने में मदद करने वाला गुरु Teacher, to help you learn the

सूर्यास्त

   बिहार दिवस का उल्लास चहुँ ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा... मैं किसी कार्य से गाँधी मैदान से गुजरते हुए कहीं जा रही थी कि मेरी दृष्टि तरुण वर्मा पर पड़ी जो एक राजनीतिक दल की सभा में भाषण सा दे रहा था। पार्टी का पट्टा भी गले में डाल रखा... तरुण वर्मा को देखकर मैं चौंक उठी... और सोचने लगी यह तो उच्चकोटी का साहित्यकार बनने का सपने सजाता... लेखनी से समाज का दिशा दशा बदल देने का डंका पीटने वाला आज और लगभग हाल के दिनों में ज्यादा राजनीतिक दल की सभा में...!
     स्तब्ध-आश्चर्य में डूबी मैं यह निर्णय लिया कि इससे इस परिवर्त्तन के विषय में जानना चाहिए... मुझे अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी... मुझे देखकर वह स्वत: ही मेरी ओर बढ़ आया।
       औपचारिक दुआ-सलाम के बाद मैंने पूछ लिया " तुम तो साहित्य-सेवी हो फिर यहाँ इस तरह राजनीति में?"

        उसने हँसते हुए कहा, "दीदी माँ! बिना राजनीति में पैठ रखे मेरी पुस्तक को पुरस्कार और मुझे सम्मान कैसे मिलेगा ?
   मैंने पूछा " तो तुम पुरस्कार हेतु ये सब...?"
मेरी बातों को अधूरी छोड़कर वह पुनः राजनीतिज्ञों की भीड़ में खो गया... साँझ में डूबता रवि ना जाने कहीं उदय होगा भी या नहीं... !

"मौलिक व अप्रकाशित"

vibha rani shrivastava's Photos

  • Add Photos
  • View All

Vibha rani shrivastava's Blog

सूर्यास्त

  

     बिहार दिवस का उल्लास चहुँ ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा... मैं किसी कार्य से गाँधी मैदान से गुजरते हुए कहीं जा रही थी कि मेरी दृष्टि तरुण वर्मा पर पड़ी जो एक राजनीतिक दल की सभा में भाषण सा दे रहा था। पार्टी का पट्टा भी गले में डाल रखा... तरुण वर्मा को देखकर मैं चौंक उठी... और सोचने लगी यह तो उच्चकोटी का साहित्यकार बनने का सपने सजाता... लेखनी से समाज का दिशा दशा बदल देने का डंका पीटने वाला आज और लगभग हाल के दिनों में ज्यादा राजनीतिक दल की सभा…

Continue

Posted on March 27, 2018 at 7:20pm — 6 Comments

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:38pm on August 30, 2017, सुनीता अग्रवाल"नेह" said…

:) 

At 7:47am on December 4, 2013, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया बिभा जी ..सादर प्रणाम 

At 8:08pm on October 14, 2013, बृजेश नीरज said…

ओबीओ पर आपका हार्दिक स्वागत है!

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Anvita commented on Anvita's blog post ताना-बाना
"हृदयतल से आपका धन्यवाद ।सादर प्रणाम ।"
24 minutes ago
Anvita commented on Anvita's blog post बेहतर तो
"महोदय, सादर अभिवादन ।प्रशंसा के लिए आभारी हूँ ।"
38 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएँ :
"आदरणीय सुशील सरना जी सादर अभिवादन बहुत ही प्रेरक रचना है मन खुश हो गया बधाई कुबूल कीजिए"
39 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Anvita's blog post ताना-बाना
"आदरणीया अन्विता जी यह कविता हमें बता रही आपके भीतर   कारयित्री भावयित्री प्रतिभा भरी हुई…"
41 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Anvita's blog post बेहतर तो
"हम भी क्या दीवाने निकले,वाह वाह बहुत ही धारदार रचना आदरणीया अन्विता जी दिल से बधाई आपको"
44 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Manan Kumar singh's blog post खुश हुआ तू बोलकर....(गजल)
"आदरणीय मनन कुमार जी बहुत ही शानदार गजल लिखने के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिये"
47 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on AMAN SINHA's blog post बेगैरत
"आदरणीय अमन सिन्हा जी बहुत वेमिशाल रचना है बार बार पढ़ने को जी कर रहा ऐसे लग रहा जैसे मुँह की बात…"
50 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( अंधी गली के मोड़ पर.....)
"सारे वदन पर बोझ है मिट्टी लदान हैं, हकीकत को बयां करती बहुत ही दमदार गजल आदरणीय गणवीर साहब बहुत…"
56 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - इस तरफ इंसान कड़की में
"गुम हुई मुस्कान कड़की में,आदरणीय राम अवध जी यथार्थ को जमी पर लाकर रख दिया आपने ,सच्चाई को बयां करती…"
59 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( नहीं था इतना भी सस्ता कभी मैं....)
"आदरणीय सालिक गणवीर साहब कमाल की गजल प्रस्तुत की आपने,न बन पाया तेरे जैसा कभी मैं ,बहुत सुंदर मन मगन…"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post उस बेवफ़ा से (ग़ज़ल)
"यूँ जिंदगी से आँख चुराना बहुत हुआ,कमाल की गज़ल आदरणीय रवि भसीन साहब मंत्रमुग्ध हो गया पढ़कर ,दिली…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post रंग काला :
"आ. भाई सुशील जी, अच्छी कविता हुई है। हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service