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BIJAY PATHAK's Blog – July 2010 Archive (2)

गरीबी और भ्रष्टाचार

गरीबी और भ्रष्टाचार

एक तरह से देखे तो गरीबी और भ्रष्टाचार शास्वत समस्या है | यह समस्या सृष्टि के उद्भव से ही है और शायद सृष्टि के अंत तक रहेगी | जब हमारा राष्ट्र विश्व गुरु हुआ करता था तब भी ये समस्या किसी न किसी रूप में विद्यमान थी | शास्त्रों में भी इसका वर्णन मिलता है | समय के साथ ये समस्या बढती गई और अब इसने उग्र रूप ले लिया है | आज समाज का कोई भी कोना और वर्ग इससे अछूता नहीं है |

अगर हम चिंतन करे तो पता चलता है कि गरीबी और भ्रष्टाचार एक दूसरे के पूरक है | गरीबी से त्रस्त ब्यक्ति… Continue

Added by BIJAY PATHAK on July 9, 2010 at 1:30pm — 3 Comments

पर चर्चा के आनंद

पर चर्चा के आनंद

एगो भोजपुरी साईट के स्वघोषित स्वयम्भू आ उनकर कुछ चाटुकार मित्र मंडली समय -समय पर भोजपुरी भासी लोगन के इ एहसास करावत रहेला की उ लोग के अलावे पूरा बिहार ,उत्तरप्रदेश ,झारखण्ड, के बारे में केहू सोचे वाला नइखे (पता ना सोच -सोच के का भला करले बा लोग) | समय -समय पर अपना उत्क्रिस्ट (बिखिप्त) भासा से समझावे के बेजोड़ कोशिश करे ला लोग | आ एहू बात के ख्याल रखे ला लोग की उ लोग के बराबरी केहू खाड़ा ना होखे पावस | आ आपन हर लेख के माध्यम से ई एहसाश करावे ला लोग की उ लोग जौन लिखलस उ… Continue

Added by BIJAY PATHAK on July 2, 2010 at 2:10pm — 3 Comments

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