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Amod shrivastav (bindouri)'s Blog – September 2015 Archive (4)

हाइकू

1-अंध विस्वास
चलो ख़त्म कर दे
एक होकर..

2- निभा रहा हूँ
प्रेमी जीवन रीत
साथ तुम्हारे---

3-वाह रे वाह
सब सुख मिलगा
मिली जो खाट---


4-शरद की रात
रजाई मेरे साथ
औ टूटी खाट

5-अहंकार है
अजब धरोहर
मानुष मन

मौलिक/अप्रकाशित
----आमोद बिन्दौरी

Added by amod shrivastav (bindouri) on September 21, 2015 at 3:08pm — No Comments

लुटा हाला गया मुझ पर...गजल

बहर

1222/1222/1222/1222



अचानक आज ये कैसा ज़ुल्म पहरा गया मुझ पर।

सितम इतने कहा से वो लेकर ढा गया मुझ पर।।



न बारिश है न सावन है हवा का भी नही झोंका।

ये कैसे गम के बादल हैं कहा से छा गया मुझ पर।।



चलो अब चाँद तारों तुम मेरी हालत पे हँस भी लो।

तुम्हे अच्छा स मौका है अमावस आ गया मुझ पर।।



इजाजत दे गए अपने चिरागों घर जलाने की।

जला दो उनकी यादें जो चुभा भाला गया मुझ पर।।



लगे है जख्मकुछ ऐसे दुआ का भी असर न हो।

के वो… Continue

Added by amod shrivastav (bindouri) on September 17, 2015 at 11:22pm — 22 Comments

जो भी मलाल रखते है

बहर- 2122/1212 /22

(मन में जोभी मलाल रखते हैं)

जिंदगी जो मलाल रखते है

वो नही जो खयाल रखते है



वास्ता हि नही रहा उनका

बस खयाली पुआल रखते हैं



मौत से वो रहा डरा ही है

जो भि डर मन में पाल रखते हैं



हार जो भी गया हंसी पल है

बाद चाले सभाल रखते है



इश्क में ठोकरें लगी जिनको

प्यार वो बेमिसाल रखते है



धर्म समझा कभी नही वो है

मजहबी जो दीवाल रखते हैं



बात प्यारी हसीन होठों पर

प्यार में वो मिसाल रखते… Continue

Added by amod shrivastav (bindouri) on September 15, 2015 at 5:13pm — 14 Comments

हम है राही मुहब्बत

बहर-

212/212/212/212



हम है राही मुहब्बत बताया न कर

प्यार हैरत सें ऐसे जताया न कर

आँख बह जाने दे देख बस तू ह्रदय

भीग जाये जो दामन सुखाया न कर

जिंदगी की राह पर साथ आ हमसफ़र

पास रह के तू दूरी बनाया न कर

क़त्ल करना है तो क़त्ल कर दे मुझे

धार चाकू दिखा कर डराया न कर

जानता हूँ तू वैद्यो के घर से जुडी

दोस्ती में मेरी जखम खाया न कर

प्यार मजहब कभी भी नही देखता

यार मजहब की भाषा सिखाया…

Continue

Added by amod shrivastav (bindouri) on September 14, 2015 at 11:30am — 6 Comments

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