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SAURABH SRIVASTAVA's Blog (5)

डर.... एक सोच

अपनी आँखों को जब मैं

बंद करने कि कोशिश करता हूँ

सोने के लिए

तभी तरह-तरह के विचार आते हैं

मानो जैसे अब

मेरे रास्ते बंद हो गए हैं

मैं कायर सा

डरपोक सा

बैठ गया हूँ



तभी कुछ सुनायी पड़ता है

आवाज

किसी की 

कहीं से आ रही है

कुछ कहने कि

समझने कि

कोशिश



इतना डरपोक न बन

हिम्मत कर

तू फिर से

मेहनत करके

एक नया नाम, इज़ज़त, शोहरत

कमा सकता है

इतना सोचते-सोचते

पता नहीं…

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Added by SAURABH SRIVASTAVA on December 26, 2013 at 9:30pm — 9 Comments

साम्प्रदायिक भावना व राष्ट्रीय एकता

साम्प्रदायिक भावना राष्ट्रीय एकता 

बड़े गर्व की बात है …

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Added by SAURABH SRIVASTAVA on June 21, 2013 at 8:30pm — 1 Comment

मासूम कली

एक कली प्यारी सी

मासूम सी

खिलना चाहती थी

वह भी

इस खूबसूरत दुनिया

देखना चाहती थी

पर लोगों को कुछ

और चाहिए था

इसलिए मार दिया उसको

आखिर क्यों

वे ऐसा कदम उठाते हैं

जन्म लेने से पहले ही

उस कली को उखाड़ फेंकते हैं

प्रश्न पूछता हूँ उनसे

क्यों वे ऐसा करते हैं

किस चीज़ की चाह है उनकी

जो लडकियां नहीं कर सकती

इतिहास के पन्नो को उठाकर…

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Added by SAURABH SRIVASTAVA on June 15, 2013 at 9:00pm — 7 Comments

HAPPY FATHERS DAY

पिता वह खूबसूरत नाम है उस इंसान का जो अपने बच्चों की सारी ख्वाहिशों को पूरी करने में दिन रात एक कर देते हैं, उनके लिए सारे कष्टों को झेलते हैं, उन्हें दो समय की भले ही न रोटी मिले पर कहीं न कहीं से वे अपने बच्चों का पेट भरने के लिए दो समय की रोटी का इंतजाम करते हैं। 

वे धूप, ठंडक, आंधी-तूफ़ान, बारिश, किसी की परवाह किये बगैर दिन-रात मेहनत करते हैं। वे भले ही कभी अच्छे स्कूल में न पढ़े हों पर अपने बच्चों को हमेशा…

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Added by SAURABH SRIVASTAVA on June 9, 2013 at 4:00pm — 4 Comments

इंतजार

इंतजार 

करता हूँ इंतजार उसका 

कब वह आयेगी 

हाँ कब वह आयेगी 

सुबह से शाम तक 

रात से सुबह तक 

न सो  पाया पूरी रात 

उसके इंतजार में …

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Added by SAURABH SRIVASTAVA on June 9, 2013 at 3:31pm — 3 Comments

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