For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कहीं नायाब पत्थर है , कहीं मन्दिर मदीना है

कहीं नायाब पत्थर है , कहीं मन्दिर मदीना है
तेरा घर संगेमरमर का , मेरा तो नीला ज़ीना है

कोई मन्दिर पे सर टेके, कोई काबा को माने है
मैं हर पत्थर पे सर टेकूं जहाँ नेकी क़रीना है

कहीं पर धूप है तपती, कहीं सागर की लहरें हैं
अजब है रंग दरिया का, जहाँ तेरा सफ़ीना है

कोई ऐ सी में बैठा है , कोई छतरी को भी तरसे
मगर ख़ूँ एक सा बहता, बहे इक सा पसीना है

कभी मिट्टी से भी पूछो, कि जलना है या दफना दूं
कहे मिट्टी दे आज़ादी , मुझे आज़ाद जीना है

.

डिम्पल शर्मा
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 614

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dayaram Methani on June 6, 2020 at 9:31pm

 आदरणीय डिंपल शर्मा जी सुंदर गज़ल सृजन के लिए बहुत बहुत बधाई आपको।

कोई मन्दिर पे सर टेके, कोई काबा को माने है
मैं हर पत्थर पे सर टेकूं जहाँ नेकी क़रीना है........अत सुंदर।

Comment by Dimple Sharma on June 5, 2020 at 2:04pm

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी नमस्कार और
बहुत बहुत धन्यवाद आभार स्वीकार करें , मेरी ग़ज़ल पर आपका बधाई संदेश मेरे हौसलों को बढ़ाता है ! हृदय तल से आभार ।

Comment by नाथ सोनांचली on June 5, 2020 at 1:47pm

आद0 डिम्पल शर्मा जी सादर अभिवादन। खूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करे

Comment by Dimple Sharma on June 5, 2020 at 11:21am

आदरणीय Anvita जी नमस्ते , आपका बहुत बहुत आभार धन्यवाद मेरी रचना की सराहना करने के लिए , स्नेह एवं आशीर्वाद बनाए रखें।

Comment by Dimple Sharma on June 5, 2020 at 11:19am

आदरणीय Samar Kabeer साहब उस्ताद मोहतरम को प्रणाम, चरण स्पर्श!
आपका बहुत-बहुत शुक्रिया धन्यवाद आभार की, आपने मुझे इतने खुबसूरत समूह से जोड़ा ,कृपा दृष्टि एवं आशीर्वाद बनाए रखें ।
डिम्पल शर्मा

Comment by Anvita on June 4, 2020 at 11:37am
सुश्री ड़िम्पल जी अच्छी रचना के लिए बधाई ।
Comment by Samar kabeer on June 4, 2020 at 11:33am

मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी आदाब,ओबीओ पटल पर आपका स्वागत है । ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
12 minutes ago
Sushil posted blog posts
12 minutes ago
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
12 minutes ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service