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पृथ्वी सम्हलती नहीं

मंगल सम्हालेंगे

यहाँ ऑक्सीजन नष्ट की

वहाँ डेरा डालेंगे

बहुत मनाईं देवियाँ

बहुत मनाए देव

कर्म-लेख मिटता कहाँ ?

भाग्य लिखा सो होय

बुज़ुर्ग बेमिसाल होते हैं

समस्त जीवन के अनुभवों की

अलिखित किताब होते हैं

बुज़ुर्ग बेमिसाल होते हैं

मौलिक एवं अप्रकाशित

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