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Usha Awasthi
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Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post कितने रोगों से बच जाते
"शुक्रिया मोहम्मद आरिफ़ जी"
Thursday
Mohammed Arif commented on Usha Awasthi's blog post कितने रोगों से बच जाते
"आलरणीया ऊषा अवस्थी जी आदाब, बहुत ही साधारण अंदाज़ की कविता । नोटों के बदले सिक्कों की महिमा का बखान करती कविता । काश ! बिम्बों-प्रतीकों का भी प्रयोग देखने को मिलता । बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
Usha Awasthi posted a blog post

कितने रोगों से बच जाते

जब कागज के ये रुपये सुन्दर सिक्कों में ढल जाते तब सचमुच अच्छा होता कितने रोगों से बच जाते कम से कम गंदे नोटों को हमें नहीं छूना पड़ता जिनमें गुटखा पीक लगा हो और हिसाब लिखा चुभता तभी पुराने महाराजे सुन्दर सिक्के गढ़वाते थे जो भी हो , गंदे सिक्केपानी  से तो धुल जाते थेसिक्कों की प्राचीन प्रथा सचमुच में कितनी अच्छी थी स्वस्थ रहे जनता अपनी यह सुभग भावना सच्ची थीनोट छापना बहुत जरूरी उनको ऐसे छपवाएँ साफ रह सकें , लगें सुहाने और हमारे मन भाएँस्वच्छ रहे भारत अपना यह सुघट कल्पना अच्छी है उज्ज्वल…See More
Tuesday
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"नीलेश शिवगांवकर जी, हर्ष महाजन जी, बृजेश कुमार 'ब्रज' जी, समर कबीर जी, मोहम्मद आरिफ़ जी, बबिता गुप्ता जी एवं लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी, आप सभी का हार्दिक आभार ।"
May 6
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"नीलेश शिवगांवकर जी, हर्ष महाजन जी, बृजेश कुमार 'ब्रज' जी, समर कबीर जी, मोहम्मद आरिफ़ जी, बबिता गुप्ता जी एवं लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी, आप सभी का हार्दिक आभार ।"
May 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"आ. ऊषा जी, सुंदर कविता हुई है । हार्दिक बधाई ।"
May 2
babitagupta commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"उषा दी,समाज की घोर समस्याओं का,समाधान के शाथ विवरण प्रस्तुत करना,अवर्णनीय,आभार "
May 1
Mohammed Arif commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"आदरणीया उषा जी आदाब,                       गहरी चिंता और साथ ही समाधान भी सुझाती बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
May 1
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"मोहतरमा उषा जी आदाब,बहुत अच्छी रचना है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"उत्तम सार्थक सन्देश देती हुई रचना आदरणीया..बधाई"
Apr 29
Harash Mahajan commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"आ.उषा जी एक अच्छी रचना के लिए बधाई । सादर ।"
Apr 29
Nilesh Shevgaonkar commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"बहुत ख़ूब छंद बद्ध कविता हुई है आ. उषा जी. कविता एक सन्देश भी दे रही है जो बहुत महत्वपूर्ण है ..लय को थोडा और कसा जा सकता है कहीं कहीं ..इस रचना के लिए  बहुत बहुत बधाई सादर "
Apr 29
Usha Awasthi posted a blog post

रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला

चाहे जितने लेख लिखें हम और लिखें कितनी कविता नहीं समझ आती कामी को अब कोई भी मर्यादा रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला सद्गुण , संस्कार के बिन उद्धार नहीं होने वाला सुकृति , लोक , परलोक सभी लोगों को तो लगते झूठे इन्द्रिय जन्य भोग सांसारिक को ही सत्य समझ बैठे भूल गए सब थर्म - कर्म है बिसर गई सारी शुचिता सत्कर्मों की उड़ीं धज्जियाँ नहीं बची कोई शुभता अभिभावक भी नहीं देखते उनके बच्चे क्या करते ? धन ऐश्वर्य कमाने की धुन में दिन - रात लगे रहते बना रहे कामुक लोगों को फिल्म , सीरियल ,…See More
Apr 29
Usha Awasthi added a discussion to the group बाल साहित्य
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तुम भी तो कुछ किया करो

माँ कितना कुछ करती तुमकोतुम भी तो कुछ किया करोवह जब कामों से थक बैठेपानी, पीने को दिया करोपापा जब ऑफिस से आएँबैग हाथ में लिया करोछोटे-छोटे कामों कोअपने हाथों तुम किया करोअपना बस्ता आप सहेजोकाॅपी पेंसिल लिया करोजब शाला से वापस आओसही जगह पर धरा करोयदि कोई सेवक हो घर मेंभइया, काका कहा करोजो भी तुमसे बड़े सयाने उन्हें नमस्ते किया करो(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Mar 1
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post समता दीपक जलना होगा
"शुक्रिया समर कबीर जी।"
Feb 25
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post समता दीपक जलना होगा
"मोहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब,देश प्रेम पर बहुत उम्दा रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 25

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Female
City State
Lucknow
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Uttar Pradesh
Profession
Author

Usha Awasthi's Blog

कितने रोगों से बच जाते

जब कागज के ये रुपये

सुन्दर सिक्कों में ढल जाते

तब सचमुच अच्छा होता

कितने रोगों से बच जाते



कम से कम गंदे नोटों को

हमें नहीं छूना पड़ता

जिनमें गुटखा पीक लगा हो

और हिसाब लिखा चुभता



तभी पुराने महाराजे

सुन्दर सिक्के गढ़वाते थे

जो भी हो , गंदे सिक्के

पानी  से तो धुल जाते थे

सिक्कों की प्राचीन प्रथा

सचमुच में कितनी अच्छी थी

स्वस्थ रहे जनता अपनी

यह सुभग भावना सच्ची…

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Posted on May 21, 2018 at 7:30pm — 2 Comments

रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला

चाहे जितने लेख लिखें हम

और लिखें कितनी कविता

नहीं समझ आती कामी को

अब कोई भी मर्यादा



रोगी मन का शब्दों से

उपचार नहीं होने वाला

सद्गुण , संस्कार के बिन

उद्धार नहीं…

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Posted on April 28, 2018 at 7:30pm — 9 Comments

समता दीपक जलना होगा

राजनीति करते वोटों की

कुत्सित चाल चला करते

अपना स्वार्थ सिद्ध करने को

आपस में झगड़ा करते

भीड़ जुटाकर आग उगलते

वाक्-वाण वे चलवाते

धर्म जाति का जहर घोल

भड़काकर नफरत फैलाते

कर दें विफल योजना इनकी

जो जन धन लूटा करते

इन्हें नहीं है प्यार राष्ट्र से

यह अपना ही घर भरते

जाने कितने शकुनि यहाँ पर

अनगिन चालें चलवाते

लड़वाते जन को आपस में

खुद बेदाग निकल जाते

इनके…

Continue

Posted on February 22, 2018 at 6:40pm — 4 Comments

जय हे काली

जय हे काली,करालि,कालिके

वसुधा का प्रांगण स्वच्छ करो

दुर्व्यसनी दुष्ट पिशाचों का

संहार करो,संहार करो



विषयी,कामातुर,कुलहंता

करते कलियों का शीलभंग

ऐसे पापी व्यभिचारियों का

तुम अंत त्वरित अविलम्ब करो



नहीं जिन्हें शील कुल की लज्जा

बढ़ रहे रक्तबीजों से जो

उन निर्लज्जों के शोणित का

खप्पर भर भरकर पान करो



पर धन हर्ता महिषासुरों का

जब दर्प भंग कर आओगी

कलियुग के शुंभ निशुंभों का

जब मान रौंदकर आओगी



तब… Continue

Posted on September 18, 2017 at 11:29pm — 8 Comments

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At 9:01pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

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