For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Usha Awasthi
  • Female
  • UP
  • India
Share

Usha Awasthi's Groups

 

Usha Awasthi's Page

Latest Activity

Usha Awasthi added a discussion to the group बाल साहित्य
Thumbnail

बाल कविता

      गौरैया              - उषा अवस्थी      छोटे छोटे पर फैलाकर      फुर-फुर कर वह उड़ जाती      कभी मुँडेर, कभी डाली पर       चहक-चहक कर इठलाती       एक काम तुम करो जरा       चावल या काकुन ले आओ        जो गौरैया को प्रिय लगता         खुली जगह पर बिखराओ          फिर देखो कैसे झुक-झुककर           वह दानों को चुगती है            घुमा-घुमा छोटी सी गर्दन             इधर-उधर वह तकती है              पर जब पास कोई जाता               तो चूँ-चूँ करती उड़ जाती                इधर डोलती, उधर डोलती           …See More
Tuesday
Usha Awasthi replied to Usha Awasthi's discussion बाल कविता in the group बाल साहित्य
"धन्यवाद कल्पना जी।"
Nov 1, 2017
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Usha Awasthi's discussion बाल कविता in the group बाल साहित्य
"बहुत सुंदर सिख देती हुई कविता लिखी है आपने आदरणीय उषा जी | हार्दिक बधाई |"
Oct 22, 2017
Usha Awasthi replied to Usha Awasthi's discussion बाल कविता in the group बाल साहित्य
"हार्दिक आभार"
Oct 16, 2017
Omprakash Kshatriya replied to Usha Awasthi's discussion बाल कविता in the group बाल साहित्य
"आदरणीय उषा अवस्थी जी बहुत सुंदर व सिख भरी कविता के लिए बधाई ."
Oct 14, 2017
Usha Awasthi shared their blog post on Facebook
Sep 21, 2017
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"धन्यवाद सुरेंद्र नाथ जी।"
Sep 20, 2017
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"धन्यवाद समर जी।"
Sep 20, 2017
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"धन्यवाद मोहित जी।"
Sep 20, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"आद0 उषा जी सादर अभिवादन,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 20, 2017
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"मोहतरमा उषा जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 20, 2017
Mohit mishra (mukt) commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"सुन्दर रचना आदरणीया। जय माँ काली। बधाई "
Sep 19, 2017
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"धन्यवाद सलीम रज़ा जी।"
Sep 19, 2017
SALIM RAZA REWA commented on Usha Awasthi's blog post जय हे काली
"आ. उषा जी, ख़ूबसूरत रचना के लिए बधाई,"
Sep 19, 2017
Usha Awasthi posted a blog post

जय हे काली

जय हे काली,करालि,कालिकेवसुधा का प्रांगण स्वच्छ करोदुर्व्यसनी दुष्ट पिशाचों कासंहार करो,संहार करोविषयी,कामातुर,कुलहंताकरते कलियों का शीलभंगऐसे पापी व्यभिचारियों कातुम अंत त्वरित अविलम्ब करोनहीं जिन्हें शील कुल की लज्जाबढ़ रहे रक्तबीजों से जोउन निर्लज्जों के शोणित काखप्पर भर भरकर पान करोपर धन हर्ता महिषासुरों काजब दर्प भंग कर आओगीकलियुग के शुंभ निशुंभों काजब मान रौंदकर आओगीतब रक्तरंजित असि को तेरीप्रसून जल से धुलवाएँगेश्रम तेरा हर लेने को हमगंगाजल स्नान कराएँगेफिर धूप दीप घृत चंदन सेतेरी आरती…See More
Sep 19, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर left a comment for Usha Awasthi
"ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....  ग़ज़ल की कक्षा   ग़ज़ल की बातें    भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है. | | | | | | | | आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते…"
Sep 9, 2017

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow
Native Place
Uttar Pradesh
Profession
Author

Usha Awasthi's Blog

जय हे काली

जय हे काली,करालि,कालिके

वसुधा का प्रांगण स्वच्छ करो

दुर्व्यसनी दुष्ट पिशाचों का

संहार करो,संहार करो



विषयी,कामातुर,कुलहंता

करते कलियों का शीलभंग

ऐसे पापी व्यभिचारियों का

तुम अंत त्वरित अविलम्ब करो



नहीं जिन्हें शील कुल की लज्जा

बढ़ रहे रक्तबीजों से जो

उन निर्लज्जों के शोणित का

खप्पर भर भरकर पान करो



पर धन हर्ता महिषासुरों का

जब दर्प भंग कर आओगी

कलियुग के शुंभ निशुंभों का

जब मान रौंदकर आओगी



तब… Continue

Posted on September 18, 2017 at 11:29pm — 8 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:01pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे.

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

1222 1222 1222 1222 अभी ये आँख बोझिल है निहाँ कुछ बेक़रारी है न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी…See More
2 hours ago
रामबली गुप्ता posted a blog post

गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता

गीतभावना में प्रेम का रस घोल प्यारे। प्रेम जीवन में बड़ा अनमोल प्यारे। भावना में.........शब्द-शर मुख…See More
2 hours ago
vijay nikore commented on Mohammed Arif's blog post कविता --पारदर्शिता
"//मगर ग़रीब के पास आधार कार्ड न होने सेराशन से वंचित किया जा रहा हैक्या इतनी पारदर्शिता काफी नहीं है…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post मेरा हमदम है तो हर ग़म से बचाने आए - सलीम रज़ा रीवा
"सुंदर गजल हुई है आदरणीय हार्दिक बधाई ।"
4 hours ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"आदरणीय बृजेश कुमार जी बहुत बहुत धन्यबाद।"
10 hours ago
Rakshita Singh commented on नादिर ख़ान's blog post सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते
"आदरणीय नादिर जी, बहुत ही उम्दा गजल।मुबारकबाद कुबूल करें।"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"रुमानियत को समेटे हुए सुन्दर रचना..."
10 hours ago
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"अनुपम सरस रचना हुई आदरणीय..सादर"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"क्या कहने आदरणीय दुबे जी ..बहुत ही सुन्दर गीतिका कही.."
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post वर्ना खुलता ही कहाँ ये मनस-पट------ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल कही आदरणीय पंकज जी...सादर"
10 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Anita Maurya's blog post बोल देती है बेज़ुबानी भी
"बहुतखूब आदरणीया अनीता जी खूबसूरत मापनी पे बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही..सादर"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service