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2121  2122  21 21  2122


हम को कौन जानता था तेरी बन्दगी से पहले
चाल - ढाल खो चुके थे हम तो आशिक़ी से पहले

बन सँवर गये नहींं हम तेेरी दोस्ती से पहले
कब था ये सलीका हमको अपनी गुमशुदी से पहलेे

कूद-फाँद की बहुत पर थाह हो नहीं सकी जाँ
ज़िन्दगी के गुर न पाये हम भी ख़़ुदक़शी से पहले

खो सको जुनूूँ-मुहब्बत आना इस डगर को यारो
अन्यथा कहोगे मरना अच्छा हर सती से पहले

खूब मयकशी की हमने साथ साक़ी थी वो 'चेतन'

ऐ ख़ुुदा अच्छे थे हम भी तेरी बन्दगी से पहले 


प्रोफ. चेतन प्रकाश 'चेतन'

मौलिक व अप्रकाशित

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