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बनो सब मीत होली में -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

निभाकर  रीत होली में
दिलों को जीत होली में।१।
*
भरें  जीवन  उमंगों से
चलो गा गीत होली में।२।
*
सभी सुख दुश्मनी छीने
बनो सब  मीत  होली में।३।
*
बहुत विरही तड़पता है
सफल हो प्रीत होली में।४।
*
किसी को याद मत आये
गयी  जो  बीत  होली  में।५।
*
लगे अब रोग कहते हैं
दुखों को पीत होली में।६।
*
गिरा दो  रंग  बरसाकर
खड़ी हर भीत होली में।७।
*
यही अरदास है पिघलें
दिलों की शीत होली में।८।
***
मौलिक/अप्रकाशित
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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