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आखिर पुलिस ने उस दुर्दांत आतंकवादी को मार गिराया, उसे मार गिराने वाले पुलिस अफ़सर की बहादुरी की भूरि भूरि प्रशंसा हो रही थी तथा उसके लिए बड़े बड़े सम्मान देने की घोषणाएं भी हो रहीं थी. मीडिया का एक बड़ा दल भी आज उसका साक्षात्कार लेने आ रहा था. इसी सिलसिले में वह बहादुर अफ़सर तैयारियों का जायजा लेने पहुँचा.

"सब तैयारियां हो गईं?" उसने एक अधीनस्थ से पूछा
"जी सर !"
"क्या किसी ने लाश की शिनाख्त की:"
"नहीं सर, चेहरा इतनी बुरी तरह से क्षत विक्षत हो चुका था कि पहचान असंभव थी"
"क्या कोई उसकी लाश लेने पहुँचा था ?"
"जी नहीं सर"
"ओके !, क्या किसी को इस सिलसिले में कुछ कहना या पूछना है?"
तभी एक कांस्टेबल ने धीरे से उस अधिकारी के कानो में कहा:
"उसकी रिक्शा का क्या करें सर?".     

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प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 11:00am

आप जैसे विद्वान की प्रशंसा पाकर धन्य हुआ आदरणीय अम्बरीष जी, सादर धन्यवाद.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:59am

भाई वीनस केसरी जी, दाद देने का यह लखनवी अंदाज़ पसंद आया. धन्यवाद.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:58am

भाई छोटू सिंह जी, उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:57am

भाई गणेश बागी जी, गुरुजनों ने कहा है कि लघुकथा का अन्य ऐसे हो जैसे किसी को अचानक सुई चुभो दी गई हो. अर्थात अंत ततैया के डंक की तरह हतप्रभ कर देने वाला होना चाहिए, बस वही प्रयास मैंने भी किया है. आपको लघु कथा पसंद आई तो श्रम सार्थक हुआ, सादर आभार.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:49am

भाई रोहित शर्मा जी, दिल से आभार.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:48am

महिमा जी, दिल से शुक्रिया


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:48am

 उत्साहवर्धन हेतु सादर आभार, डॉ प्राची सिंह जी.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:47am

आदरणीय अविनाश बागडे जी - सादर आभार.


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:47am

आदरणीय प्रदीप कुमार कुशवाहा जी - सादर आभार.



प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on April 27, 2012 at 10:46am

आदरणीया राजेश कुमारी जी लघुकथा पसंद करने के लिए ह्रदय से आभार. 

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"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
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