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आइ पि एल के जिन ,

आइ पि एल के जिन ,
अब निकलत बाटे ,
एकर असर हिंदुस्तान में ,
अब दिखत बाटे,
केतना लोग लुटलस ,
केतना लोग लूटे के फ़िराक में ,
केतना जाना जइहे ,
भईया तेरह के भाव में ,
लुट खसोट के बढ़िया रास्ता ,
लगत ता इ बा ,
मंत्री लोग त नेह लगवलस ,
अब करी लोग तोबा ,
जे ना लुटलस उ कहत बा ,
हम नईखी येमे ,
बरका बरका के हालत ,
कईलस इ ख़राब ,
आइ पि एल के मतलब ,
जान जाई जनाब ,
आइ से इंडियन ,
पि से पोलटिक्स ,
एल से लिंग ,

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Comment

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Comment by Admin on April 21, 2010 at 11:07am
गुरु जी, ज्वलंत मुद्दा पर ये आपकी कविता काबिलेतारीफ है , बहुत ही बढ़िया तरीके से आपने IPL के सच का वर्णन किया है, इस खेल मे तो शुरू से लेकर अंत तक पैसा का ही खेल है, क्रिकेट है कहा ? खिलाडी बिकते है, उनकी बोली लगाती है, टीम की बोली लगाती है, और जहा पैसा का खेल होगा वहा कुछ न कुछ तो होगा ही,भारत सरकार को IPL पर रोक लगा देनी चाहिये,

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"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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