For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ये भगवन तनी सुना हमार हो ,

ये भगवन तनी सुना हमार हो ,
कवनो मंत्री से हो जाइत प्यार हो ,
हमारा ता आगे पीछे उहो लुटाइती,
पईसा कमाए के रास्ता दिखाइती ,
लोग आगे पीछे घूमते हमारा हजार हो ,
ये भगवन तनी सुना हमार हो ,
हो हाला मचित तब सफाई देती ,
नहीं उ कबो हमारा से मुह फेरती ,
चाहे जे राजपाठ जाईत होइती बेकार हो ,
ये भगवन तनी सुना हमार हो ,
आइसन प्रेमी परभू हमरा के दिहा ,
देश जाये भार में खली हमारे के सोचिहन ,
अइसन निगोरी से ता पटी ना हमार हो ,
देस खातीर काटी देहब गर्दन तोहर हो ,
ये भगवन मति सुनिह हमार हो ,

Views: 469

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Admin on April 20, 2010 at 5:13pm
गुरु जी फेनु एगो बढ़िया रचना पढे के मिलल, बहुत बढ़िया लिखले बानी, ऐसही लिखत रही, नीमन लिखत बानी, धन्यबाद,

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 20, 2010 at 8:45am
waah guru jee, E ta raur dodhaari talwaar wala kavita ba, Bhagwaan bhi phera mey pad jaihan ki e bhakt key wopar wali baat suni ki nichey walaa, hahahaha,bechara confusiaa jaihan, bytheway bahut chutila kavita baa e raur,
Comment by Ratnesh Raman Pathak on April 19, 2010 at 6:47pm
ये भगवन तनी सुना हमार हो ,
कवनो मंत्री से हो जाइत प्यार हो ,
हमारा ता आगे पीछे उहो लुटाइती,
पईसा कमाए के रास्ता दिखाइती ,
लोग आगे पीछे घूमते हमारा हजार हो ,
ये भगवन तनी सुना हमार हो ,


bahut badhiya agrah ba bhagwan se ,bhai ab e aisan that-baat dekh ke koi ke mann kar dihi .
chali jayedihi koi baat nahi hum mantri banab ta raua sab ke pichhe aadmi ghumihe jeee hahah
.
bahut badhiya kavita likhte hai aap guru jee.dhanyawad

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
16 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
18 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
18 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
19 hours ago
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
19 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Mar 5
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service