For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

विकास पथ पर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़, देश का 26 वां राज्य है और यह प्रदेश 1 नवंबर सन् 2000 में अस्तित्व में आया। मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद बहुमत के आधार पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता मिली और राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने। 2003 में जब छग में पहला विधानसभा चुनाव हुए तो भाजपा, सत्ता में आई तथा डा. रमन सिंह मुख्यमंत्री बने। इसके बाद दोबारा विधानसभा चुनाव 2008 में हुए, इस दौरान भाजपा फिर सत्ता में काबिज हो गई। इस तरह डा. रमन सिंह दोबारा मुख्यमंत्री बने।
अभी हाल ही में 1 नवंबर, 2010 को छत्तीसगढ़ ने 10 बरस पूरे किए। इस दौरान छग की राजधानी रायपुर समेत सभी 18 जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव मनाया गया। राजधानी के महोत्सव में झारखंड और उत्तरांचल के मुख्यमंत्री भी षामिल हुए। राज्योत्सव के पहले मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने एक महत्वपूर्ण नारा दिया, वह है - विश्वसनीय छत्तीसगढ़। प्रदेश में 146 विकासखंड हैं और 11 लोकसभा क्षेत्र है। इसके अलावा 90 विधानसभा क्षेत्र हैं।
छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड 7 नवंबर तथा उत्तरांचल, 11 नवंबर 2000 को क्रमषः 27 वां और 28 वां राज्य के रूप में देश में अस्तित्व में आया। अब तक हुए विकास की दृष्टि से देखें तो छत्तीसगढ़ इन दोनों राज्यों से कहीं आगे है। छत्तीसगढ़ और झारखंड, दोनों राज्य खनिज संपदा से भरपूूर है, बावजूद झारखंड का विकास का पहिया थमा रहा, इसका कई कारण है। हालांकि प्रदेश में लंबे अरसे तक रही राजनीतिक अस्थिरता के कारण झारखंड का विकास ठहर गया। उत्तरांचल में खनिज संपदा नहीं होने से यह राज्य भी छत्तीसगढ़ से पीछे है।
भविष्य में विकास की झलक छत्तीसगढ़ में देखें तो अपार संभावनाएं नजर आती हैं। हालांकि इस राज्य के विकास में नक्सली और भ्रष्टाचार की समस्या ही रोड़े साबित हो रहे हैं। नक्सली समस्या तो आज की स्थिति में राष्ट्रीय समस्या बन गई है, वही हाल भष्टाचार का भी है। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ को विकास की दिशा में देश में अव्वल बनाने के लिए, इन समस्याओं से निपटना जरूरी है। छत्तीसगढ़ के 10 बरस पूरे होने के पहले इस राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि यही रही है कि प्रदेश का विकास दर देश में सबसे अधिक रही। आशा यही है कि जो विकास दर है, वह आगे भी बनी रहे। फिलहाल देश में गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों का नाम विकास के पैमाने पर लिया जाता है, लेकिन इस बात से नकारा नहीं जा सकता है, भविष्य छत्तीसगढ़ का है। वैसे देखा जाए तो इस नए राज्य की कई बाधाएं रहीं, जिसे प्रदेश ने पारकर विकास के नया आयाम स्थापित किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय छत्तीसगढ़ के साथ जैसा सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है, उसे शायद ही इस राज्य की जनता भूल पाएगी। यही कारण है कि लंबे अरसे से छत्तीसगढ़, अलग राज्य बनाने की मांग रही, जो 2000 के पहले और जोर पकड़ने लगी। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का भरपूर दोहन कर, इस क्षेत्र के शहरों, कस्बों तथा गांवों के विकास में लगाने के बजाय अविभाजित मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में उसका उपयोग किया जाता रहा। जब छत्तीसगढ़ बना, उस दौरान राज्य में किसी तरह का संसाधन नहीं था। हर जगह केवल कमियां ही कमियां थी। हालांकि बहुत कम समय में ही छत्तीसगढ़ ने विकास की राह पकड़ ली।
ऐसा नहीं है कि छत्तीसगढ़ ने विकास के सभी पैमाने पूरे कर लिए हैं, अभी तो यह शुरूआत है। छत्तीसगढ़ को विकास का अभी लंबा रास्ता तय करना है। इसके लिए प्राकृतिक रूप से मिले अकूत खनिज संपदा का ईमानदारी से दोहन करना होगा और उसे राज्य के विकास में लगाना होगा। तब कहीं जाकर यह 10 बरस का राज्य विश्वसनीय छत्तीसगढ़ के नाम से पूरे देश में जाना जाएगा।

Views: 1518

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Saturday
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service