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2122,       2122,      2122,   2

भूख से बिल्ली परेशां जो रही होगी

रोटियां बासी तभी तो खा गयी होगी

 

हौसले परिंदों के भी तो पस्त होते हैं

लाख उड़ने की कला उनमें रही होगी

 

कोयलों की कूक गायब हो गयी है अब

साथ ही में उन दरख्तों के खो गयी होगी

 

आपका पहलू जरा सा जो हवा में था

ये वही खुशबू यहां तक आ रही होगी

 

ये गुंचे भी सरनिगूं होने लगे हैं जो

वो सबा भी बात तेरी कर रही होगी

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Comment by बृजेश नीरज on April 17, 2013 at 10:19am

आदरणीय सौरभ जी, आपका आभार! मैं आपकी टिप्पणी की ही प्रतीक्षा में था क्योंकि आपकी टिप्पणी सदैव मेरी मार्गदर्शक रहती हैं।
एक बार फिर आपका आभार!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 16, 2013 at 11:40pm

भूख से बिल्ली परेशां जो रही होगी
रोटियां बासी तभी तो खा गयी होगी... . मतला भावुक शब्दों में रंग का तो लग रहा है लेकिन बिल्ली  के साथ बासी रोटी  कंट्रास्ट पैदा नहीं कर पा रही है.

 

हौसले परिंदों के भी तो पस्त होते हैं
लाख उड़ने की कला उनमें रही होगी.. .. वाह वाह ! शेर से निस्सृत इस उस्तादाना असर के लिए ढेर् सारी दाद कुबूल करें, भाई बृजेशजी.. .

 

कोयलों की कूक गायब हो गयी है अब
साथ ही में उन दरख्तों के खो गयी होगी.. अंदाज़ बहुत कुछ कहता हुआ है. कोयल की कूक  और खो रहे पेड़  दिल को कचोट रहे हैं.

 

आपका पहलू जरा सा जो हवा में था
ये वही खुशबू यहां तक आ रही होगी.. ..  ओह्होह ! .. .

ये गुंचे भी सरनिगूं होने लगे हैं जो
वो सबा भी बात तेरी कर रही होगी.. ... .. वाह !  शेर की मुलामियत भा गयी.

आपका यह प्रयास दिल को भा गया भाई. सतत प्रयासरत रहें. आपकी कोशिश रंग लायी है.

बधाई .. .

 

Comment by बृजेश नीरज on April 10, 2013 at 6:01pm

आदरणीय रक्ताले जी आपका आभार!

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 10, 2013 at 8:26am

कोयलों की कूक गायब हो गयी है अब

साथ ही में उन दरख्तों के खो गयी होगी.............बहुत खूब.

आदरणीय बृजेश नीरज जी सादर, बहुत सुन्दर भाव भरे अशार. बहुत उत्तम. दिली दाद कुबुलें.

Comment by बृजेश नीरज on April 8, 2013 at 9:53pm

आदरणीया मीना जी आपका हार्दिक आभार!

Comment by Meena Pathak on April 8, 2013 at 7:51pm

बहुत सुन्दर .. बधाई 

Comment by बृजेश नीरज on April 6, 2013 at 1:59pm

आदरणीया परवीन जी आपका आभार! 

Comment by Parveen Malik on April 6, 2013 at 1:05pm

बृजेश जी बहुत ही बढ़िया ...

Comment by बृजेश नीरज on April 5, 2013 at 10:15pm

राम शिरोमणि जी हौसला अफज़ाई के लिए आपका बहुत आभार!

Comment by ram shiromani pathak on April 5, 2013 at 9:44pm

बहोत खूब आदरणीय  हार्दिक बधाई स्वीकारे  /////////

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