For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ऐ प्रकृति तू धर शरीर

ऐ प्रकृति तू धर शरीर
ले जन्म किसी माँ की कोख से !!

.
जब तुझे लगेगी चोट
बहेगा लहू तेरे शरीर से
या बीच राह में कोई
दाग लगेगा आबरू पे कोई
जब जागेगा ये मानव कही
रक्षा को तेरी तभी

ऐ प्रकृति तू धर शरीर !!

.
वैसे तो कुछ दिनों का होगा जोश
मानव का मानव के लिए
मगर इस बहाने ऐ प्रकृति
तेरा ख्याल तो आयेगा
वरना ये शातिन प्राणी
अपने स्वार्थ के लिए
तुझको ही ये लूटता जायेगा
ऐ प्रकृति तू धर शरीर
ले जन्म किसी माँ की कोख से ......!!

शातिन = दुराचारी 


मौलिक एवं अप्रकाशित
सुमित नैथानी

Views: 637

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Parveen Malik on July 15, 2013 at 8:33pm
सुमित भाई बहुत सुन्दर ..... बधाई !
Comment by Sumit Naithani on July 12, 2013 at 4:44pm

साथ मे आपकी सुन्दर पंक्तिया ...उनके लिए धन्यवाद 

Comment by Sumit Naithani on July 12, 2013 at 4:38pm

लक्ष्मण जी प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया ....

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on July 12, 2013 at 4:35pm

प्रकृति देती है जन्म बनकर धरा 

उसकी ही गोद में उपवन हरा-भरा 

उसको न यूँ शातिर प्राणी से है कहना 

प्राणी अपनी आदत से खुद ही मरा |

आपकी विचार शील/सोच के लिए बधाई 

Comment by Sumit Naithani on July 12, 2013 at 1:27pm

Ravikar ji @ sukriya

Comment by Sumit Naithani on July 12, 2013 at 1:26pm

D P Mathur ji@ prtikriya ke liye shukriya

Comment by Sumit Naithani on July 12, 2013 at 1:26pm

neeraj ji shukriya

Comment by रविकर on July 12, 2013 at 11:44am

नहीं चुनौती को करे, यह कुदरत स्वीकार |
मानव को खुब समझती, इससे नहिं उद्धार ||

आभार आदरणीय-सुन्दर सोच-

Comment by D P Mathur on July 12, 2013 at 11:17am

सुमित जी इंसान प्रकृति से छेड़छाड़ करता ही रहेगा ,
क्योंकि उसे दोहन की आदत हो गई है !
अच्छा व्यंग्य !

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 11:10am

bahut hi sundar rachna

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनसुने अनकहे के बीच
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया. . . . झोला
"आ. भाई सुनील जी सुंदर कुंडलियां हुई हैं हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
yesterday
sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service