For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बढ़े कला संगीत, मिटे ना लेकिन पशुता-

गुरु-गुरुता गायब गजब, अजब आधुनिक काल । 

गुरुजन रहे खिलाय गुल, गुलछर्रे गुट बाल । 

 

गुलछर्रे गुट बाल, चाल चल जाय अनोखी । 

नीति नियम उपदेश, लगें ना बातें चोखी । 

 

बढ़े कला संगीत, मिटे ना लेकिन पशुता । 

भरा पड़ा साहित्य, नहीं कायम गुरु-गुरुता ॥

 

मौलिक/ अप्रकाशित  

Views: 667

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 9, 2013 at 5:47pm

गुरु-गुरुता गायब गजब, अजब आधुनिक काल । 

गुरुजन रहे खिलाय गुल, गुलछर्रे गुट बाल । 

 तीखे व्यंग और शब्दों के चयन के लिए हार्दिक बधाई ॥

 

Comment by अरुन 'अनन्त' on September 6, 2013 at 2:26pm

बेहतरीन लाजवाब गज़ब गज़ब गजब आपका जवाब नहीं आदरणीय क्या बात कही है आपने कुण्डलिया छंद के जरिये बहुत बहुत बधाई स्वीकारें.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 6, 2013 at 12:38pm

कुण्डलिया छंद में आप का कोई जोड़ नही आदरणीय, बधाई इस प्रस्तुति पर 

Comment by Meena Pathak on September 5, 2013 at 11:47pm

बढ़े कला संगीत, मिटे ना लेकिन पशुता । 

भरा पड़ा साहित्य, नहीं कायम गुरु-गुरुता ॥..........बहुत सही
बधाई आप को

Comment by बृजेश नीरज on September 5, 2013 at 11:05pm

सच बात कही आपने! बहुत खूब! आपको हार्दिक बधाई!

Comment by ram shiromani pathak on September 5, 2013 at 8:29pm

गुरु-गुरुता गायब गजब, अजब आधुनिक काल । 

मिले खिलाते गुल गुरू, गुलछर्रे गुट बाल । ///सुन्दर अन्त्यानुप्राश प्रयोग 

बहुत ही सुन्दर कुण्डलिया  आदरणीय रविकर  जी ///हार्दिक बधाई आपको 

 

Comment by रविकर on September 5, 2013 at 8:05pm

 आदरणीय गिरिराज जी आदरणीय श्याम जी आदरेया अन्नपूर्णा जी


संशोधन कर दिया है आदरणीय आशुतोष जी-

आभार--

गुरु-गुरुता गायब गजब, अजब आधुनिक काल ।
गुरुजन रहे खिलाय गुल , गुलछर्रे गुट बाल ।

Comment by annapurna bajpai on September 5, 2013 at 7:25pm

आदरणीय रविकर जी सुंदर कुण्डलिया के लिए बधाई स्वीकारें । 

Comment by Dr Ashutosh Vajpeyee on September 5, 2013 at 6:53pm

सुन्दर कुण्डलिया के लिए बधाई रविकर जी किन्तु गुरू शब्द अशुद्ध है और गुरु यहाँ पर चलेगा नहीं इसलिए सुधार अपेक्षित है 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 5, 2013 at 6:20pm

आदरणीय र विकर जी , सुन्दर रचना , सत्य वचन !!  बहुत बधाई !!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
11 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
18 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
yesterday
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Mar 5
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service