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मुझे गर्व हैं की मैं पिता हु ,

हा मैं पिता हु ,
और मुझे गर्व हैं ,
की मैं पिता हु ,
माँ को दुःख था ,
की मैं पिता नहीं हु ,
घर वाले परेशान रहते थे ,
की मैं पिता नहीं हु ,
आज मैं पिता हु ,
सब खुस हैं ,
माँ रहती तो ओ भी ,
खुश होती ,
मेरी पत्नी कहती हैं ,
की मैं पिता हु ,
कसम से मैं झूठ नहीं बोलता ,
मैं पिता हु ,
अपने दो बच्चो का पिता हु ,

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Comment

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Comment by Admin on May 26, 2010 at 10:15pm
वाह गुरु जी वाह , आप का जबाब नहीं है, आप वाकई गुरु है, बहुत बढ़िया लिखे है, जय हो !
Comment by satish mapatpuri on May 26, 2010 at 5:12pm
माँ को दुःख था ,
की मैं पिता नहीं हु ,
घर वाले परेशान रहते थे ,
की मैं पिता नहीं हु ,
आज मैं पिता हु ,
सब खुस हैं ,
माँ रहती तो ओ भी ,
खुश होती ,
जहे नसीब, बहुत बेहतरीन कल्पना है गुरूजी .

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 25, 2010 at 7:10pm
कसम से मैं झूठ नहीं बोलता ,
मैं पिता हु ,
अपने दो बच्चो का पिता हु
Lajbaab bahut badhiya, waisey mujhey bhi piney ka shauk nahi, Par mai bhi Pita huu, Jai ho guru jee,
Comment by BIJAY PATHAK on May 25, 2010 at 5:43pm
bah guru ji bahut khub
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on May 25, 2010 at 3:56pm
waah guru jee waah.....ek baar fir dil jeet liya aapne guru jee......bahut hi sundar rachna hai

aisehi likhte rahe......aapki agli rachna hai besabri se intezaar rahega....
Comment by Biresh kumar on May 25, 2010 at 1:59pm
mai peeta jarur hun pr pita nahi hun
badhiya hai sirjee

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