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माँ तुम हो कितनी महान

माँ
गहरी सागर सी
ऊँची अनन्त सी
घुली पवन में
सुगंध सी
माँ!
हृदय तुम्हारा
कोमल फूलों सा
मिश्री सी वाणीं
लोरी, परियों की कहानी
माँ!
सुन्दर इतनी कि
अप्सराएँ शर्माएँ
आँचल में तुम्हारे
सागर ममता का
लहराये
महानता में ईश्वर भी
पीछे रह जाए
माँ!
स्पर्श में तुम्हारे
मिलता असीम सुख
हृदय से लग के
मिटता संताप, दुःख
माँ!
 तुम मेरी शक्ति
आत्मविश्वास,
श्रोत प्रेरणा की
मेरी पथप्रदर्शक
माँ!
तुम हो मेरे लिए
शक्ति का वरदान
चरणों में तुम्हारे
बारम्बार प्रणाम
तुम ही तो हो
मेरी भगवान!
माँ!
तुम हो कितनी महान ||


मीना पाठक 

मौलिक/अप्रकाशित 

Views: 904

Comment

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Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 9:26pm

आ० प्राची जी पूरी तरह से सहमत हूँ आप से | मार्गदर्शन के लिए आभार स्वीकारें 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on October 7, 2013 at 8:34pm

बहुत सुन्दर ह्रुदयस्पर्शी भाव आदरणीया मीना जी ...

माँ यही सब कुछ तो होती है, सबके लिए,जैसे आपने व्यक्त किया है.. तो इस कविता में निम्न कुछ परिवर्तन करके क्या माँ के एहसास की पवित्रता को सर्वव्यापक बना कर अभिव्यक्ति के विस्तार को बढ़ाया नहीं जा सकता...??? शायद सहमत हों 

माँ!
एक शक्ति 
आत्मविश्वास,
श्रोत प्रेरणा की
पथप्रदर्शक
माँ!
शक्ति का वरदान
चरणों में तुम्हारे 
बारम्बार प्रणाम 
तुम ही तो हो 
भगवान!
माँ!
तुम हो कितनी महान ||

शुभेच्छाएं 

Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 4:31pm

हार्दिक आभार  आ० कुंती जी 

Comment by coontee mukerji on October 7, 2013 at 3:20pm

मीना जी , माँ को समर्पित बहुत सुंदर भाव संरचना.

Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 12:30pm

आ० अन्नपूर्णा जी बहुत बहुत आभार आप का 

Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 12:29pm

आदरणीय अरुन शर्मा जी रचना सराहने के लिए बहुत बहुत आभार आप को 

Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 12:28pm

आ० बृजेश जी बहुत बहुत हार्दिक आभार आप का 

Comment by Meena Pathak on October 7, 2013 at 12:27pm

हार्दिक आभार स्वीकारें आ० संदीप जी 

Comment by annapurna bajpai on October 7, 2013 at 12:01am

आदरणीया मीना जी बहुत सुंदर रचना , बढाई आपको । 

Comment by अरुन 'अनन्त' on October 6, 2013 at 10:36pm

माँ को दंडवत प्रणाम वंदन नमन बहुत ही सुन्दर रचना आदरणीया माँ वास्तव में ऐसी ही होती हैं. बहुत बहुत बधाई स्वीकारें

कृपया ध्यान दे...

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