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अपनी क्रिकेट टीम के क्या कहने क्या ठाट

सचिन विरासत दे गए रोहित शिखर विराट /


सचिन आम इन्सान से, बने आज भगवान
तुम हो भारत देश की, आन बान औ' शान /

बोल खेल को अलविदा,चौबीस साल बाद
पाए आशीर्वाद हैं , सदा रहो आबाद /


पाकर भारत रत्न को, तूने पाया मान
आज सलाम तुझे करें,क्रिकेटर तू महान /


विश्वभर के क्रिकेट का, सचिन है धूमकेतु
पीढ़ियों को जोड़ सचिन बना मजबूत सेतु /


एक दिवसीय मैच में ,दोहरा शतक ठोक
विपक्षी हर जुबान पे,सचिन लगाई रोक  /


दीवाना वो देश का ,लिए इरादे नेक
बड़े हों गेंदबाज तो भी घुटने दें टेक /

ब्लास्टर कोई कहे ,कहीं कहें भगवान
सच्चा सौदा है किया,बने नेक इन्सान/

................................................

..........मौलिक व अप्रकाशित............

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Comment

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Comment by Akhand Gahmari on November 20, 2013 at 8:26pm

आदरणीये यहॉं सचिन की आलोचना नहीं हो रही है यहॉं सचिन को मिलने वाले सम्‍मान की हो रही है। भारत रत्‍न कोइ मैन आफ द मैच का पुरस्‍कार नहीं जो खेल पर दिया जाये यह भारत रत्‍न है जिसके बारे में साफ साफ कहा गया है कि यह किन किन क्षेत्रों में दिया जायेगा, अगर आप ये मानते है कि भारत में सचिन से बढ कर कोई खिलाडी पैदा नहीं हुआ, देश का सम्‍मान नहीं बढ़ाया तो मैं आपकी बात का समर्थन करता हूँ। सचिन एक खिलाडी थे जिनकेा हर मैच का परिश्रमिक मिलता था, अन्‍य इनाम अलग से इस लिये वह देश सेवा के श्रेणी में नहीं आते है इस आधार पर हम उनको यह पुरस्‍कार दिये जाने का विरोध करते है श्रीमान जी यह हमारे आपके बीच वैचारिक मतभेद है ना कि परस्‍परिक व्‍यवहारिक मतभेद है, जैसा कि आदरणीया प्राची दीदी ने कहा वैचारिक मतभेद हेा सकते है।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on November 20, 2013 at 8:14pm

आदरणीय सरिता जी आलोचक चाहे जितनी भी आलोचना कर लें सचिन महान हैं महान रहेंगे ये सचिन जैसे खिलाड़ी का समर्पण और दम खम ही है जिसकी वजह से वो 24 साल तक लगातार  और विवादों से दूर रहकर क्रिकेट खेला है, विश्वकप मे सर्वाधिक रन उन्होने बनाया, उनके साथ या उनके विरूद्ध जिन्होने भी क्रिकेट खेला सभी एकमत हो के एक ही बात कहते हैं सचिन की मौजूदगी ही काफी होती थी, एक दिवसीय मैच का उनका सर्वाधिक स्कोर 200 रन  है जो उन्होने द. अफ्रीका जैसी उस मजबूत टीम के खिलाफ बनाया जिसमें डेल स्टेन, मोर्नी मोर्कल वेन पर्नेल, जैक कालिस जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज थे जो अकेले दम पे मैच का रूख मोड़ने में सक्षम हैं, टेस्ट मैच में सर्वाधिक 9 शतक ऑस्ट्रेलिया जैसी ताकतवर टीम के खिलाफ हैं और न जाने कितने रिकॉर्ड उनके नाम हैं जो ये साबित करते हैं कि सचिन कितने महान हैं, सचिन को समर्पित इस दोहे के लिये आपको दिल से दाद देता हूँ

Comment by Akhand Gahmari on November 20, 2013 at 4:36pm

एक भी विश्‍वकप तू नहीं लाया,

विश्‍वकप में कमजोरों पर ही शतक बनाया

खराब प्रर्दशन पर कप्‍तानी से हटाया

18 वे नम्‍बर की रैंकिंग तू पाया

डेढ दर्जन तुझसे आगे है आया

देखो टीवी पर प्रचार है आया

पेप्‍सी कोला भारत रत्‍न है लाया

रोज कराने कोलगेट आया

संडे मंडे को अंडा खिलाया

ये है राजनीति की माया

 

सचिन को समर्पित आपकी रचना के लिये आपकेा बधाई

 

Comment by वेदिका on November 20, 2013 at 4:09pm

सचिन ने देश को जो गौरव दिया उसका कितना भी बखान करें कम ही होगा| 

सचिन की महत्ता दर्शाते सुखद दोहे हुये है! कहीं कहीं गेयता बाधित प्रतीत हो रही है| 

रचनाकर्म पर बधाई!

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