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!!!! काले काले वर्षा वाले !!!! अतुकांत !!!!

सावन के बादल

काले काले ,

वर्षा वाले !

क्षुधित मानव की प्यास

बुझाने वाले ,

अपना बूँद बूँद दे कर भी

ज्यों दिख रहे ,

अब

शांत , सुखी , 

संतुष्ट, संतृप्त !!

सब कुछ दे कर

पहले से और अधिक

समृद्ध  !!!

जिनको दिया

उनकी

हरियाली से आनन्दित !!!!

बस !

उन्ही की खुशियों से

सम्बन्धित !!!!

ऐसा होता है ,

एक पिता , जब होता है

वृद्ध !!!!!!!

********************

!!!! ऐसे हर एक पिता को

सादर नमन के साथ  !!!!

********************

गिरिराज भंडारी

भिलाई

******

मौलिक एवँ अप्रकाशित ( संशोधित )

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Comment

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 10, 2013 at 6:43pm

आपके प्रयास और आपकी संलग्नता से मन प्रसन्न हो जाता है,आदरणीय.

बहुत कुछ पहले ही कह दिया गया है. रचना की गंभीरता को मान देते हुए प्रदत्त सुझावों के बरअक्स पढ रहा हूँ.

बधाई

सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:52pm

आदरणीय बड़े भाई विजय जी , आपकी सराहाना मेरा  हौसला  हमेशा दोबारा करतीं हैं  !!!! आपका हार्दिक आभार !!!!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:50pm

आदरणीय जितेन्द्र भाई , रचना की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ !!!!!

Comment by vijay nikore on December 6, 2013 at 9:03am

बहुत गूढ़, गंभीर चिन्तन से भरपूर रचना के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीय गिरिराज भाई।

 

सादर,

विजय निकोर

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 5, 2013 at 9:51pm

शांत , सुखी ,  तृप्त ,

संतुष्ट, संतृप्त !!

सब कुछ दे कर

पहले से और अधिक

समृद्ध  !!!

जिनको दिया

उनकी

   हरियाली से आनन्दित !!!!

बस !

शब्द भाव पूर्णत: शांत, गहराई सागर की तरह, कोई आतुरता नहीं केवल गंभीरता,सच! एक पिता के समान रचना,  बधाई स्वीकारें आदरणीय गिरिराज जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 5, 2013 at 2:07pm

आदरणीय आशुतोष भाई , सराहना और उत्साह वर्धन के लिये आपका तहे दिल से शुक्रिया !!!!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 5, 2013 at 2:06pm

आदरणीय राम भाई , सराहना के लिये आपका आभारी हूँ !!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 5, 2013 at 2:05pm

आदरणीया प्राची जी  , रचना की सराहना के लिये आपका हृदय से आभारी हूँ !!!! विस्तार से गलतियाँ बताने और सुधार सुझाने के लिये आपका आभारी हूँ , मै जरूर सन्शोधन कर लूंगा !!!! आपका पुनः आभार !!!!

Comment by Dr Ashutosh Mishra on December 5, 2013 at 10:41am

आदरनीय गिरिराज भाईसाब ..आपकी इस रचना पर आपको हार्दिक बधाई के साथ .....सादर 

Comment by ram shiromani pathak on December 4, 2013 at 10:33pm

सुंदर कविता आदरणीय गिरिराज जी ! हार्दिक बधाई

कृपया ध्यान दे...

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