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तेरी आहट मेरे कानों को लगती है ग़ज़ल..
तेरी खुशबु मेरी साँसों में महकती सी ग़ज़ल..
तेरी बातों का सुकूँ रूह में बसती सी ग़ज़ल..
तेरा यकीं मुझे रौशनी देती सी ग़ज़ल..

 

 

 


 

 

 

होंठ कहते हैं तेरे साथ में होने की ग़ज़ल..
अश्क कहते हैं फिर से दूर जाने की ग़ज़ल..
तूने कुछ ऐसे कही मेरी ज़िन्दगी की ग़ज़ल..
मेरा वजूद दोहराता है हर एक पल की ग़ज़ल..

 

 

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Comment

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Comment by Lata R.Ojha on February 17, 2011 at 5:13pm
Shukria Sharda di :)
Comment by Lata R.Ojha on February 16, 2011 at 9:28pm
Dhanyavaad Arvind ji :)
Comment by Arvind Chaudhari on February 16, 2011 at 6:34pm
Kya baat hai !

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