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धड़कन [दोहावली]


दिल पर काबू ना रहे मिल जाते जो नैन
धड़कन धड़कन से मिले दिल को मिलता चैन |


दिल की यह मजबूरियाँ समझे कोई ख़ास
धड़कन बढ़ जाती अगर आता है वो पास |


तेरी धड़कन के बिना मेरी भी बेकार
दोनों की मिलती अगर नैया लगती पार |


तेरी धड़कन के सिवा कुछ भी ना अनमोल
सूना है सारा जगत इसका क्या है मोल |


धड़कन से चालू हुआ धड़कन पर सब बंद
मोल समय का जान लो यह इसकी पाबंद |


धड़कन चलती है अगर जीने की हो आस
अपनों का जो साथ हो बढ़ता है विश्वास ||

(मौलिक और अप्रकाशित)

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Comment by Deepika Dwivedi on June 7, 2014 at 6:47pm

सच कहूँगी तो कड़वा लगेगा पर कहे बिना रह नहीं सकूंगी अत:क्षमा याचना सहित कहना चाहूंगी किआपने दोहे लिखने का प्रयास किया है भाव बहुत अच्छे है पर इस विधा की मुख्य बात इसमें चार चरण होते है ,पहले व् तीसरे चरण के बाद यति होनी चाहिए इसका न होना अखर रहा है ,पहली पंक्ति के अंत में एक पाई व् दूसरी के अंत में दो पाई का चिन्ह नहीं होना भी इस छंद को विधानुरूप नहीं दर्शा रहा ,बस इस कमी को दूर कर दिया जाय तो बहुत उम्दा दोहे हो सकते है

Comment by विजय मिश्र on June 4, 2014 at 6:16pm
"धड़कन से चालू हुआ धड़कन पर सब बंद
मोल समय का जान लो यह इसकी पाबंद |"

- अनमोल शब्द हैं आपके ,धड़कन को समय की एक प्रकृति प्रदत्त लघुतम इकाई मानूँ तो क्षणों का मोल भी सपाट व्यक्त होता है और इससे जुड़ी मनुष्य की गरिमा भी | अनेक साधुवाद दीदी |
Comment by Sarita Bhatia on June 3, 2014 at 4:01pm

आदरणीय नरेन्द्र जी हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on June 3, 2014 at 4:01pm

शुक्रिया करन जी ...सादर 

Comment by Sarita Bhatia on June 3, 2014 at 4:00pm

शुक्रिया अन्नपूर्णा जी 

Comment by LOON KARAN CHHAJER on June 3, 2014 at 10:58am

सरिता जी आपने  धड़कन की सरिता बहा दी।  वास्तव में धड़कनke वगैर दिल का कोई अस्तित्व ही नहीं। 

Comment by annapurna bajpai on June 2, 2014 at 11:45pm

वाह !! bahutहुत सुंदर दोहा वली , बधाई आपको आ0 सरिता भाटिया जी । 

Comment by Sarita Bhatia on June 2, 2014 at 10:10am

शुक्रिया कल्पना दी ,स्नेह बनाये रखें 

Comment by Sarita Bhatia on June 2, 2014 at 10:09am

शुक्रिया विन्दु जी 

Comment by कल्पना रामानी on June 1, 2014 at 8:41pm

धड़कन से चालू हुआ धड़कन पर सब बंद
मोल समय का जान लो यह इसकी पाबंद....वाह! एक नए विषय पर सुंदर दोहावली के लिए आपको हार्दिक  बधाई प्रिय सरिता जी

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