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खोने नही़ं देती

1222   1222  1222   1222

किसी की याद रातो मे हमें सोने नहीं देती
कसम उसने दिया था जो हमे रोने नहीं देती

चली थी साथ मेरे जो कभी इक हमसफर बन कर
न जाने पास अपने क्‍यों हमें होने नहीं देती

सिखाया था हमें जिसने जमाने में रहें कैसे
वही अब प्‍यार भी हमको वहाँ बोने नहीं देती

नहीं है प्‍यार मुझसे अब मगर नफरत जरा देखो
किसी को लाश भी मेरी वो अब ढोने नहीं देती

हमारे गीत में छुपकर हमेशा जो चली आती
बने आवाज दिल की वो हमें खोने नही़ं देती

मौलिक एवं अप्रकाशित

अखंड गहमरी गहमर गाजीपुर

Views: 481

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Comment by Akhand Gahmari on June 18, 2014 at 9:03pm

न जाने क्‍यो हमें वह प्‍यार अब बोने नहीं देती

Comment by Akhand Gahmari on June 18, 2014 at 7:24pm

उत्‍सावर्धन एवं मार्गदर्शन के लिये आपको चरण स्‍पर्श  आप का आशीवाद बना रहें आदरणीया   coontee mukerji जी

Comment by coontee mukerji on June 17, 2014 at 5:07pm

सिखाया था हमें जिसने जमाने में रहें कैसे
वही अब प्‍यार भी हमको वहाँ बोने नहीं देती..........बहुत सुंदर

Comment by Akhand Gahmari on June 17, 2014 at 1:15pm

उत्‍सावर्धन एवं मार्गदर्शन के लिये आपको चरण स्‍पर्श  आप का आशीवाद बना रहें आदरणीय  डाक्‍ब्‍र गोपाल नारायण श्रीवास्‍तव जी

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 17, 2014 at 12:58pm

गहमरी जी

बहुत सुन्दर  i बधाई  हो i

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