For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गजल नफरत की दीवार

भुलाये तो भुलाये हम तुम्‍हारे प्‍यार को कैसे
सुनाये हाल दिल का हम बता संसार को कैसे

चली जाना जरा रुक जा मनाने दे हमें खुशियाँ
बिना तेरे मनायेगें  किसी त्‍यौहार को कैसे

लुटा कर जान भी अपनी बचा पाते मुहब्‍बत को
मिले खुशियाँ हमें कितनी बताये यार को कैसे

करो नफरत भले हमसे हमारी बात सुन लो तुम
गिराये आज नफरत की खड़ी दीवार को कैसे

नहीं दिखता जनाजा क्‍या तुझे अब जा चुके है हम
दिखाओगी भला अब तुम किये श्रृंगार को कैसे

मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी

Views: 569

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 7, 2014 at 7:41pm

आदरणीय अखंड भाई , गज़ल बह्र मे है और अच्छी कही है , कुछ कमियाँ आदरणीय अरुण भाई बताये हैं , ध्यान देने योग्य हैं , ज़रूर ध्यान दीजियेगा ॥

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 6, 2014 at 5:19pm

आदरणीय गहमरी जी ग़ज़ल बह्र में है अच्छी भी है किन्तु स्पष्ट नहीं लगी मुझे, बह्र पर आपकी पकड़ हो गई है अब शिल्प एवं कथ्य पर भी काम कीजिये. इस प्रयास पर हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by Akhand Gahmari on July 6, 2014 at 12:40pm

उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन पर नमन स्‍वीकार करें आदरणीय  संन्‍तलाल करूण जी

Comment by Akhand Gahmari on July 6, 2014 at 12:39pm

उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन पर नमन स्‍वीकार करें आदरणीय  डा गोपाल नारायण श्रीवास्‍तव जी

Comment by Akhand Gahmari on July 6, 2014 at 12:39pm

उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन पर नमन स्‍वीकार करें आदरणीय  जितेन्‍द्र गीत जी

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 6, 2014 at 12:02pm

मित्र गहमरी

बहुत सुन्दर  i क्या बात है i

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on July 6, 2014 at 11:13am

बहुत सुंदर गजल कही आपने आदरणीय अखंड जी , बधाई आपको

Comment by Santlal Karun on July 6, 2014 at 7:19am

आदरणीय गहमरी जी, अच्छी-सी ग़ज़ल के लिए हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
12 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Monday
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service