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बहुत मुमकिन है  ख़्वाबों को हकीकत नाम मिल जाए

किसी बेकार को शायद बहुत सा काम मिल जाए ..
बसेरा हो दिलों में प्यार का तो गम है क्या करना ..
नम आँखों को भी शायद  ख़ुशी का जाम मिल जाए .
तो डरना क्या मुश्किलें तो नया सबक सिखाती हैं..
जीत कर मुश्किलों से मंजिल - ए-आराम मिल जाए ..

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Comment by Lata R.Ojha on March 5, 2011 at 5:02pm
dhanyavaad Rashmi ji :)
Comment by rashmi prabha on March 5, 2011 at 3:56pm
..
बसेरा हो दिलों में प्यार का तो गम है क्या करना ..
नम आँखों को भी शायद ख़ुशी का जाम मिल जाए .
waah

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