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सूने पन्ने पे तेरा नाम .......'इंतज़ार'

बहुत बार समझाया
कभी दिल को फुसलाया
मगर खुद ही ना समझ पाया
मैं हूँ क्यों यहाँ पर
बस रोज़ वो अँधेरे
और तेरी यादें के
दहकते अंगारे
परवानों सा जलने की
दुआ करता हूँ
कुछ हसीन सपनों का व्यापार
अपनी नींदों से
किया करता हूँ
दिल में बसी मूरत को
पलकों में छिपा रखता हूँ

तेरी यादों को
कागज पे अक्सर उतार देता हूँ
जब सूने पन्ने पे तेरा नाम आता है
क्या जानू क्यूँ पन्ने को
अहंकार हो जाता है
और मुझे फिर से प्यार हो जाता है !!

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 321

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Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on May 3, 2015 at 11:13am

आदरणीय SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR जी हार्दिक आभार ...सादर 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 30, 2015 at 4:32pm

कुछ हसीन सपनों का व्यापार अपनी नींदों से किया करता हूँ

दिल में बसी मूरत को पलकों में छिपा रखता हूँ बहुत सुन्दर जज्बात।

भ्रमर ५

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 29, 2015 at 7:08am

आदरणीय Manoj kumar Ahsaas जी तहेदिल से आपका धन्यवाद ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 29, 2015 at 7:06am

आदरणीय vijay nikore जी हार्दिक आभार ...सादर 

Comment by vijay nikore on April 27, 2015 at 10:09am

अति सुन्दर भावपूर्ण रचना के लिए बधाई।

Comment by Manoj kumar Ahsaas on April 27, 2015 at 7:26am
बहुत भावपूर्ण रचना
आपका इंतजार बना रहे
प्रणाम करता हूँ. सर आप को
Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:47am

आदरणीया Chhaya Shukla जी उत्साहवर्धन हेतु बहुत बहुत आभार....सादर 

Comment by Chhaya Shukla on April 21, 2015 at 11:16pm

इस भाव प्रधान महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना "सूने पन्ने पे तेरा नाम"
की हार्दिक बधाई स्वीकारें |
आ. मोहन जी
पुनः बधाई !

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on March 27, 2015 at 7:08am

आदरणीय Shyam Mathpal जी धन्यवाद ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on March 27, 2015 at 7:07am

आदरणीया  Meena Pathak जी आभार ..सादर 

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