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कुछ बनना होगा ........'इंतज़ार'

तुम दीया हो तो मुझे बाती बनना होगा
तेरा साथ पाने को चाहे मुझे जलना होगा !

तुम अगर रात हो तो मुझे अँधेरा बनना होगा
तुम से मिलने को मुझे सवेरों से लड़ना होगा !

तुम ग़र दरिया हो तो मुझे समन्दर बनना होगा
तुमको फिर मुहब्बत में मुझ से मिलना होगा !

तुम अगर हवा हो तो मुझे धूल बनना होगा
मुझे आगोश में ले आँधियों में तुम्हें उड़ना होगा !

तुम अगर चाँद हो तो मुझे चकोरी बनना होगा
तुमको हर रात मेरा मिलन का गीत सुनना होगा !

फूल ग़र तुम हो तो मुझे भंवरा बनना होगा
बोसों के लिये फिर 'इंतज़ार' को ना डरना होगा !

*********************************************

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 23, 2015 at 9:54am

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी हार्दिक धन्यवाद ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 23, 2015 at 9:53am

आदरणीय जितेन्द्र पस्टारिया जी आभार पसंदगी के लिये ...सादर 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 22, 2015 at 3:53pm

बहुत सुन्दर भाव पूर्ण रचना , आदरणीय आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on April 22, 2015 at 10:09am

बहुत सुंदर प्रस्तुति. बधाई स्वीकारें आदरणीय मोहन जी

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:37am

आदरणीय krishna mishra 'jaan'gorakhpuri जी आपकी उपस्थिति और सराहना के लिये हार्दिक आभार ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:36am

आदरणीय Dr. Vijai Shanker जी बहुत बहुत आभार प्रसंशा के लिये ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:35am

आदरणीया Tanuja Upreti जी हार्दिक धन्यवाद ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:34am

आदरणीय Samar kabeer जी उत्साहवर्धन के लिये आभार ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:33am

आदरणीय MUKESH SRIVASTAVA जी धन्यवाद ...सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 22, 2015 at 7:32am

आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी आभार ..सादर 

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