For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दफ्तर को अपने घर मे भी सहचर बना दिया

221 2121 1221 212 पर एक प्रयास

दफ्तर को अपने घर मे भी सहचर बना दिया
वो वक्त अपना और भी बद्तर बना दिया

जब तक रहा वो गांव मे संजीदा हीं रहा
शहरों ने उसको तोड़के पत्थर बना दिया

चैनो अमन की बात हीं करता था जो, उसे
दंगों की फैली आग ने कट्टर बना दिया

जबसे चुनावी रैलियाँ होने लगी यहां
सुंदर सलोना गांव थियेटर बना दिया

बिखरी हुई पड़ी थी जो भी ख्वाहिशें मेरी
फिलहाल उनको जोड़ के गट्ठर बना दिया
मौलिक तथा अप्रकाशित

Views: 738

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Abhishek kumar singh on January 15, 2017 at 4:38pm
हार्दिक आभार आद गिरिराज भंडारी जी, स्नेह बनाएं रखें

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 15, 2017 at 4:28pm

आ. अभिषेक भाई , अच्छी ग़ज़ल हुई है , हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें ।

Comment by Abhishek kumar singh on January 12, 2017 at 9:21pm
हार्दिक आभार आद सुनील प्रसाद जी स्नेह बनाएं रखें
Comment by सुनील प्रसाद(शाहाबादी) on January 12, 2017 at 8:43pm
आदरणीय अभिषेक जी बेहद खूबसूरत ग़ज़ल।
Comment by Abhishek kumar singh on January 12, 2017 at 7:15pm
हार्दिक आभार आद tasdik साहब स्नेह बनाएं रखें
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on January 12, 2017 at 7:05pm

जनाब अभिषेक साहिब , अच्छी ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं

Comment by Abhishek kumar singh on January 12, 2017 at 5:18pm
बहुत बहुत शुक्रिया आद मिथिलेश वामनकर जी ,
मार्गदर्शन के लिए शुक्रगुजार हूँ , स्नेह सम्बल बनाएं रखें
Comment by Abhishek kumar singh on January 12, 2017 at 5:16pm
बहुत बहुत आभार आद समर कबीर साहब
स्नेह बनाएं रखें
Comment by Abhishek kumar singh on January 12, 2017 at 5:15pm
हार्दिक आभार आद mohammed आरिफ जी, स्नेह बनाएं रखें

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 12, 2017 at 4:50pm

आदरणीय अभिषेक जी, आपने बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है. शेर-दर-शेर दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाएं. यदि आपको उचित लगे तो आखिरी शेर में तनिक गुंजाइश लग रही है जैसे-

बिखरी हरेक सिम्त थी जो ख्वाहिशें मेरी

उनको समेट यादों का गट्ठर बना दिया 

सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
4 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
22 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service