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गीत - मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।

तुम मुझको चाहे जो भी समझो लेकिन सुनो प्रिय।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।

तुम अमृत जैसी दुर्लभ हो, तुम गंगाजल सी पावन हो।
तुम खुशबू से लबरेज पवन, तुम बहका-बहका सावन हो।
तुम कलियों में कचनार प्रिय, तुम नील गगन में चंदा हो।
उर्वशी-मेनका से सुंदर, जो जग पूजे वो वृंदा हो।

उस जीवन दाता रब का मुझ पर फजल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।१।।

सांसो की मधुमय हाला से मदहोश सदा हो जाता हूं।
इन नैनो की मधुशाला में परिचय अपना खो आता हूं।
योवन के इस रूप महल में पल में सदिया जी लेता हूं।
जब अधरों के दो प्यालो से मधुरस सारा पी लेता हूं।।

तब खुद को इन कोमल बाहों में कतल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।२।।

तुम्ही बंदना तुम्ही साधना तुम्ही इबादत हो मेरी।
तुम्ही कर्म हो तुम्ही धर्म हो तुम्ही मोहब्बत हो मेरी।।
छलके सदा सादगी जिससे ऐसी भोली सूरत हो।
सजदा सभी करें जिसको वो पावनता की मूरत हो।।

उस परम ब्रह्म के शक्ति रूप की नकल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।३।।

तुम तितली सी इतराती हो तुम कलियों सी इठलाती हो।
मैं भंवरा बन कर आता हूं तुम फूलों से खिल जाती हो।।
तुम मन के सूने आंगन में खुशियों के दीप जलाती हो।
जब बाहों में भर लेता हूं तुम शर्मा कर अलसाती हो।।

तब पुष्पों से खेलते होठों को कमल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।४।।

कोयल से मीठा गाती हो दिल में सरगम ले आती हो।
गुल गुलशन में खिल जाते हैं जब घूंघट कभी उठाती हो।
स्वप्न लोक की परी मेरे ख्वाबों में आती-जाती हो।
तुम अजब नशीली खुशबू से तन मन में आग लगाती हो।।

मनमीत अगर हो संग गीत को सफल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।५।।

तुम चंदन वन की रानी हो निर्धन की प्रेम कहानी हो।
तुम यादों में बस जाती हो भावों की जीवन साथी हो।।
तुम दीपशिखा सी जलती हो क्यों आंखों से यूं बहती हो।
'अमित' दुखों को हंसकर तुम सुंदर लफ्जो में कहती हो।

बस गम को ही झूठी दुनिया में असल समझता हूं।
मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।६।।

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on July 25, 2019 at 2:34pm

जी,इन दिनों बीमार हूँ, इसी कारण से देर हुई ।

Comment by Amit Kumar "Amit" on July 24, 2019 at 4:07pm

आदरणीय समर कबीर सर जी गीत पसंद करने और हौसला अफजाई के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। काफी समय से आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा था। आभार

Comment by Samar kabeer on July 24, 2019 at 12:07pm

जनाब अमित जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

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