For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"लक्ष्य तय करो जीवन का "(कविता)

स्वरचित कविता
शीर्षक- "लक्ष्य तय करो जीवन का"

पंचभूत तन दो दिन का
लक्ष्य तय करो जीवन का
शैशव में मासूम रहें सब
सीखें हैं जीने का ढब
धीरे-धीरे तन मुस्काए
मन में चुलबुल शोखी आए
पथ पर मंथर कदम पड़ें
करतब करते लघु बड़े
गतिमय जीवन निश-दिन का
पंचभूत तन दो दिन का
लक्ष्य तय करो जीवन का

सदाचार का पाठ पढ़ो
सुगढ़ प्रेम के तंत्र गढ़ो
करो बड़ों का तुम सम्मान
बंधु!देव!मनुज-संतान!
छोटों पर वात्सल्य लुटाओ
खिलखिल करके गले लगाओ
मात-पिता ईश्वर का रूप
कृपा पाओ सर्वत्र अनूप
लक्ष्य न भूलो परहित का
आनंद बढ़ाओ सद्चित का
ध्यान करो पावन चित्त का
पंचभूत तन दो दिन का
लक्ष्य तय करो जीवन का

मानव-सेवा परम धर्म है
जीने का तो यही मर्म है
अपना और पराया कर मत
गुरू के आगे मस्तक कर नत
दिन भर में कर सहज पहल
पढ़ता रह साहित्य-पटल
ज्ञान,मान,पहचान पाएगा
जग तेरा गुणगान गाएगा
नीड़ बना जोड़ तिनका
पंचभूत तन दो दिन का
लक्ष्य तय करो जीवन का

_____
स्वरचित-

डा. अंजु लता सिंह
नई दिल्ली

Views: 661

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on September 28, 2019 at 6:00pm

बहुत ही सुंदर कविता रची है आदरणीया बधाई...

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on September 27, 2019 at 9:13pm

आ. अंजू लता जी,  आपने कविता को बड़ी ही सरलता से लय बद्ध किया है.  बहुत अच्छा लगा. आपकी कविता पर अच्छी पकड है.  लेकिन कविता समय की अन्विति माँगती है. आप जैसे-जैसे कविता को और अधिक समय देंगी.  कविता स्वयं निखरती जायेगी. जल्दबाजी की कविता प्रश्न छोड़ जाती है.  जैसे...

'ज्ञान,मान,पहचान पाएगा
जग तेरा गुणगान गाएगा'

'गुणगान' लिखने के बाद गायेगा नहीं बल्कि 'करेगा' होना चाहिए. 

जैसा कि आ. समर भाई जी ने कहा कि यह आपकी पहली रचना है.  इसलिए तहेदिल से बहुत बहुत बधाई.  सादर

Comment by Samar kabeer on September 25, 2019 at 12:05pm

मुहतरमा डॉ. अंजु लता सिंह जी आदाब,ओबीओ पर पहली बार आपकी कविता पढ़ रहा हूँ ।

बहुत अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
3 hours ago
Sushil posted blog posts
3 hours ago
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
3 hours ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service