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किरदार
-------
वक़्त के लम्बे सफ़र में
किरदार
यूं बदल जाते हैं
वोह, जो कल
चला करते थे
थामे अंगुली हमारी
वही आज
आगे बढ़
हमें राह
दिखाते हैं

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on July 5, 2010 at 6:02pm
sab samay ki den hai rajni didi, kaha jata hai na ki kabhi naav par Gaadi aur kabhi Gaadi par naav, yey to sansar ka niyam hai,
Achhi rachna hai didi,
Comment by Rash Bihari Ravi on July 3, 2010 at 6:53pm
वोह, जो कल
चला करते थे
थामे अंगुली हमारी
वही आज
आगे बढ़
हमें राह
दिखाते हैं
बहुत ही सुंदर,

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on July 2, 2010 at 12:43pm
बहुत ही सुंदर लिखा है रजनी जी ! परिवर्तन को किरदार का नाम देकर थोडे से शब्दों में एक पूरे सफ़र का ज़िक्र जिस सुन्दरता से आपने किया है वह स्तुत्य है !

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