For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सबसे खूबसूरत भूल (गज़ल)l

बाकी नहीं मंजर कोई आंखों में सिर्फ धूल है,
इस हाल में घर से निकलना बेसबब,फिज़ूल है,
मुझे दूर ही रख्खे तेरी चौखट से मेरी गैरतें,
मेरा भी इक ज़मीर है,मेरे भी कुछ उसूल हैं,
खैरात में मुझको नहीं तेरी वफायें चाहिये,
तू खुशी से दे तो तेरी नफरतें कुबूल हैं,
तुझे भूलकर भी भूलना मुमकिन नहीं है अब,
तू मेरी ज़िंदगी की सबसे हसीन भूल है ll
-Er Anand Sagar Pandey

मौलिक एवं अप्रकाशित l

Views: 807

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 23, 2015 at 5:47pm
बहुत-बहुत आभार मदन मोहन सक्सेना जी l
Comment by Madan Mohan saxena on July 23, 2015 at 3:46pm

वाह शानदार गजल

Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 23, 2015 at 3:04pm
सादर आभार कान्ता जी l
Comment by kanta roy on July 23, 2015 at 1:19pm
वाह !!!!! क्या शानदार शेरों से सजाई है आपने ये गजल ...... बधाई आपको आदरणीय आनंद सागर पाण्डेय जी ।
Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 23, 2015 at 8:44am
सम्मानित त्रिपाठी जी !!
इस उत्साहवर्धक टिप्पडी हेतु बहुत-बहुत आभार l
Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 23, 2015 at 8:42am
समर जी !
तह-ए-दिल से शुक्रिया l
Comment by maharshi tripathi on July 22, 2015 at 7:56pm

तुझे भूलकर भी भूलना मुमकिन नहीं है अब,
तू मेरी ज़िंदगी की सबसे हसीन भूल है ll,वाह ! क्या भाव है ..बहुत बहुत बधाई भाई  Er Anand Sagar Pandey जी|

Comment by Samar kabeer on July 22, 2015 at 6:47pm
जनाब ई.आनंद सागर पांडे जी,आदाब,अच्छा प्रयास किया है आपने,बधाई हो ,जनाब मिथिलेश वामनकर जी और जनाब गिरिराज भंडारी जी की बात पर ग़ौर कीजियेगा ।
Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 22, 2015 at 4:09pm
तह-ए-दिल से आभार राहुल जी l
Comment by Er Anand Sagar Pandey on July 22, 2015 at 4:08pm
सराहना एवं सुझाव हेतु तह-ए-दिल से शुक्रिया सम्मानित गिरिराज जी l

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service