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ज़माने को रुला जाते

तुम्हारे दिल में बस जाते, अगर तुम रास्ता देते....
तबाह-ए-ख़ाक हो जाते, अगर तुम वास्ता देते ....
दिल को एहसास ही रहा, मगर तेरे ना हुए हम....
ज़माने को रुला जाते, अगर हम दास्ताँ कहते ....


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Comment by Shayar Raj Bajpai on July 3, 2012 at 12:02pm

SHukriya Janaab Nilansh ji.... Janaab Ajay Bohat ji... mohtarma Mahima Shree ji....

Comment by Shayar Raj Bajpai on May 15, 2012 at 7:49pm

Nilansh ji, Ajay Kumar Bohat And  Mahima Shree Ji ka bahut bahut shukriya.....

Comment by Nilansh on May 12, 2012 at 8:43pm

v nice

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 12, 2012 at 8:30pm

wah wah shayar sahab, padh kar anand aa gaya

Comment by MAHIMA SHREE on May 12, 2012 at 6:45pm

दिल को एहसास ही रहा, मगर तेरे ना हुए हम....
ज़माने को रुला जाते, अगर हम दास्ताँ कहते ....waah waah .. mubark baad aapko

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