For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Coontee mukerji's Comments

Comment Wall (20 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:55am on January 25, 2014, RAMESH YADAV said…

बहुत ही अच्छी रचनाएं है. बधाई

At 7:08pm on January 21, 2014, Alka Gupta said…

बहुत ही सुन्दर समस्त रचनाएँ है ...कुंती मुखर्जी जी

..............सादर वन्दे 

At 9:49pm on January 4, 2014, नादिर ख़ान said…

अदरणीया कुंती जी, जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं!

At 11:36am on January 4, 2014, vijay nikore said…

जन्म दिन मुबारक ! आपका हर दिन मंगलमय हो।

 

सादर,

विजय निकोर

At 10:27am on January 4, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 9:30am on January 4, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें आदरणीया आपको"

At 5:25pm on December 13, 2013, Dr Dilip Mittal said…

 क्षणिकाये पसंद आने के लिये  धन्यवाद 

At 5:53pm on December 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

 सादर आभार 

At 7:39am on June 17, 2013, D P Mathur said…

आदरणीया कुंती जी आपको रचनाएं पसंद आई , आपका धन्यवाद !

At 9:13am on June 1, 2013, annapurna bajpai said…

हमारी मित्र मंडली मे आपका स्वागत है कुंती जी ।

At 4:45pm on May 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर नमस्कार कुंती जी 

At 9:52pm on May 13, 2013, ram shiromani pathak said…

adarneeya kuntee ji mai kuchh dino se baahar tha thailand gaya tha fir waha se gaav ///now come back //ap ke is sneh ke liye hardik aabhar

At 1:20pm on May 1, 2013, Kedia Chhirag said…

कृपया विलम्ब हेतु क्षमा करें ..थोडी व्यस्तता थी ...आपने तो बिलकुल माँ की तरह मुझे अपना स्नेह दिया ..दिल गद-गद हो गया ....मैं इस गुरुकुल में नया हूँ साथ ही कोई कवी भी नहीं हूँ..मन में कई प्रश्न उठते रहते हैं ....अक्सर ऐसा लगता है की क्या मैं जो लिखता हूँ चुकी वो मात्रा गणना के नियमो के अनुसार नहीं होता क्या तब उससे कविता कहलाने की योग्यता होगी या नहीं ....मुझे बहुत मार्गदर्शन और पथ प्रदर्शन की आवश्यकता है ..तथा आपसे प्राप्त होने की उम्मीद भी ..कृपया मेरी जिज्ञासाओं का समाधान करें तथा अपना स्नेहाशीष सर्वथा बनाये रखें .......

At 7:05pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

आ० मित्रता स्वीकार करने के लिए हार्दिक धन्यवाद.

At 5:52pm on April 21, 2013, डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा said…

कुन्तीजी,

प्रणाम. आपकी प्रस्तुतियां, यथार्थ के सन्देश बड़ी सुन्दरता से दे जाते हैं और आपकी सरल टिप्पणियां स्वल्प में यथेष्ट का संतोष प्रदान कर जाती हैं... धन्यवाद, आभार.

At 9:26pm on April 5, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

प्रेम की अभिव्यक्ति रचना पसंद कर मान बढाने  के लिए और पुर्णतः सहमत होने के लिए आपका हार्दिक आभार 

भगवान् श्री कृष्ण तो सभी सह्रदयी सुधि भक्तो पर सदैव अपार कृपा बरसाते है | निश्चित ही वे परम सुख के सागर है 

रचना पर सापेक्ष टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार 

At 10:46am on April 5, 2013, ASHISH KUMAAR TRIVEDI said…

नमस्कार

यह जानकर और भी प्रसन्नता हुई की फ्रेंच भाषी होने के बावजूद आप इतनी अच्छी हिंदी लिख सकती हैं। आपको भारतवर्ष में आये कितना समय हुआ है।

एक बात और जानना चाहता हूँ। आशा है बुरा नहीं मानेंगी आप अपना नाम COONTEE लिखती हैं क्या इसका उच्चारण कुंती है।

At 6:53pm on April 4, 2013, ASHISH KUMAAR TRIVEDI said…

JI HAAN MAIN LUCKNOW MEIN RAHATA HOON.

At 1:25am on March 30, 2013, राज लाली बटाला said…

सहमत हूँ आप के साथ !! लाली 

बताने के लिय शुक्रगुज़ार हूँ ...लेकिन ऐसा होना नहीं चाहिय ...मैं यह सोचता हूँ ..यहाँ अमेरिका में लोग अकेला रहना बहुत पसंद करते है !! 
At 6:21pm on March 26, 2013, Meena Pathak said…

बहुत आभारी हूँ आप की जो आप ने समय निकालकर मेरी टूटी-फूटी कविताओं को सराहा .. हार्दिक धन्यवाद  कुंती जी .. रंगोत्सव की ढेरों शुभकामनाएं

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Zaif commented on Zaif's blog post ग़ज़ल - थामती नहीं हैं पलकें अश्कों का उबाल तक (ज़ैफ़)
"आ. बृजेश जी, बहुत आभार आपका।"
16 hours ago
Usha Awasthi posted a blog post

मन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?

उषा अवस्थीमन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?वे घर ,जो दिखते नहींमिलते हैं धूल में, टिकते नहींपर "मैं"…See More
22 hours ago
Rachna Bhatia posted a blog post

सदा - क्यों नहीं देते

221--1221--1221--1221आँखों में भरे अश्क गिरा क्यों नहीं देतेहै दर्द अगर सबको बता क्यों नहीं देते2है…See More
22 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् आपके कहे अनुसार ऊला बदल लेती हूँ। ईश्वर आपका साया हम पर…"
22 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
yesterday
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"'सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग सदा क्यों नहीं देते' ऊला यूँ…"
yesterday
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। शंका समाधान के लिए आभार।  यदि उचित लगे तो इस पर विचार कर सकते…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
Friday
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"//सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग बिना डर के सदा नहीं देते // सानी…"
Friday

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service