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vibha rani shrivastava
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vibha rani shrivastava replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"रब का अनोखा होता तराना तन्हा भेजना और तन्हा बुलाना फिर क्यों किसी और से उम्मीद करें अनेकानेक रिश्तों में बाँध साथ निभाना"
Feb 11
vibha rani shrivastava replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"100 अंक पूरे हो जाने की हार्दिक बधाई और असीम शुभकामनाएं 'चंद शब्द मेरे' वादा क्या है समझने में जिंदगी गुजर गई जिंदगी क्या है समझने में बंदगी गुजर गई बंदगी क्या है समझने में गंदगी गुजर गई गंदगी क्या है समझने में संजीदगी गुजर गई संजीदगी क्या…"
Feb 11
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"आ. विभा जी, अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Apr 1, 2018
Samar kabeer commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"मोहतरमा विभा जी आदाब,प्रयासरत रहें,सफलता अवश्य मिलेगी,बधाई आपको । शीर्षक के साथ रचना की विधा भी लिख दिया करें ।"
Mar 28, 2018
pratibha pande commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"बढिया लघुकथा,आदरणीया विभा जी हार्दिक बधाई ।  शिल्प मे थोड़ी सी और कसावट से प्रभाव और बढेगा।  "
Mar 28, 2018
Mohammed Arif commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"आदरणीया विभा जी आदाब,                            आशा है आप आगामी सर्वश्रेष्ठ लघुकथा के साथ उपस्थित होंगी जिसके लिए अग्रिम बधाई ।"
Mar 28, 2018
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"आद0 विभा जी सादर अभिवादन। साहित्यकार राजनीति में आता है तो इसका स्वागत होना चाहिए। इसमे निराश या हैरान होने वाली बात नहीं होनी चाहिए। उसने हँसते हुए कहा, "दीदी माँ! बिना राजनीति में पैठ रखे मेरी पुस्तक को पुरस्कार और मुझे सम्मान कैसे मिलेगा…"
Mar 28, 2018
Nilesh Shevgaonkar commented on vibha rani shrivastava's blog post सूर्यास्त
"आ. विभा जी,आप को प्रसान होना चाहिए था कि एक पढ़ा लिखा राजनीति में आया है...इसी प्रवृत्ति के चलते 10 वीं फेल भी उच्च पदों पर हैं...आप की कथा बहुत निराशाजनक है ...सादर "
Mar 27, 2018
vibha rani shrivastava posted a blog post

सूर्यास्त

       बिहार दिवस का उल्लास चहुँ ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा... मैं किसी कार्य से गाँधी मैदान से गुजरते हुए कहीं जा रही थी कि मेरी दृष्टि तरुण वर्मा पर पड़ी जो एक राजनीतिक दल की सभा में भाषण सा दे रहा था। पार्टी का पट्टा भी गले में डाल रखा... तरुण वर्मा को देखकर मैं चौंक उठी... और सोचने लगी यह तो उच्चकोटी का साहित्यकार बनने का सपने सजाता... लेखनी से समाज का दिशा दशा बदल देने का डंका पीटने वाला आज और लगभग हाल के दिनों में ज्यादा राजनीतिक दल की सभा में...!     स्तब्ध-आश्चर्य में डूबी मैं यह निर्णय लिया…See More
Mar 27, 2018
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Mar 26, 2018

Profile Information

Gender
Female
City State
Patna
Native Place
Siwan
Profession
home maker
About me
सीखने में मदद करने वाला गुरु Teacher, to help you learn the

सूर्यास्त

   बिहार दिवस का उल्लास चहुँ ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा... मैं किसी कार्य से गाँधी मैदान से गुजरते हुए कहीं जा रही थी कि मेरी दृष्टि तरुण वर्मा पर पड़ी जो एक राजनीतिक दल की सभा में भाषण सा दे रहा था। पार्टी का पट्टा भी गले में डाल रखा... तरुण वर्मा को देखकर मैं चौंक उठी... और सोचने लगी यह तो उच्चकोटी का साहित्यकार बनने का सपने सजाता... लेखनी से समाज का दिशा दशा बदल देने का डंका पीटने वाला आज और लगभग हाल के दिनों में ज्यादा राजनीतिक दल की सभा में...!
     स्तब्ध-आश्चर्य में डूबी मैं यह निर्णय लिया कि इससे इस परिवर्त्तन के विषय में जानना चाहिए... मुझे अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी... मुझे देखकर वह स्वत: ही मेरी ओर बढ़ आया।
       औपचारिक दुआ-सलाम के बाद मैंने पूछ लिया " तुम तो साहित्य-सेवी हो फिर यहाँ इस तरह राजनीति में?"

        उसने हँसते हुए कहा, "दीदी माँ! बिना राजनीति में पैठ रखे मेरी पुस्तक को पुरस्कार और मुझे सम्मान कैसे मिलेगा ?
   मैंने पूछा " तो तुम पुरस्कार हेतु ये सब...?"
मेरी बातों को अधूरी छोड़कर वह पुनः राजनीतिज्ञों की भीड़ में खो गया... साँझ में डूबता रवि ना जाने कहीं उदय होगा भी या नहीं... !

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     बिहार दिवस का उल्लास चहुँ ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा... मैं किसी कार्य से गाँधी मैदान से गुजरते हुए कहीं जा रही थी कि मेरी दृष्टि तरुण वर्मा पर पड़ी जो एक राजनीतिक दल की सभा में भाषण सा दे रहा था। पार्टी का पट्टा भी गले में डाल रखा... तरुण वर्मा को देखकर मैं चौंक उठी... और सोचने लगी यह तो उच्चकोटी का साहित्यकार बनने का सपने सजाता... लेखनी से समाज का दिशा दशा बदल देने का डंका पीटने वाला आज और लगभग हाल के दिनों में ज्यादा राजनीतिक दल की सभा…

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Posted on March 27, 2018 at 7:20pm — 6 Comments

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At 11:38pm on August 30, 2017, सुनीता अग्रवाल"नेह" said…

:) 

At 7:47am on December 4, 2013, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया बिभा जी ..सादर प्रणाम 

At 8:08pm on October 14, 2013, बृजेश नीरज said…

ओबीओ पर आपका हार्दिक स्वागत है!

 
 
 

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