For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की मासिक गोष्ठी

Event Details

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की मासिक गोष्ठी

Time: May 20, 2018 from 3:30pm to 6pm
Location: 37, रोहतास एन्क्लेव, रवींद्र पल्ली
Street: फैज़ाबाद रोड (नीलगिरि चौराहा के निकट)
City/Town: लखनऊ
Phone: 09935394949 (शरदिंदु मुकर्जी)
Event Type: मासिक, साहित्यिक, गोष्ठी
Organized By: ओबीओ लखनऊ चैप्टर
Latest Activity: May 18, 2018

Export to Outlook or iCal (.ics)

Event Description

यह हर्ष का विषय है कि ओबीओ लखनऊ चैप्टर अपने छठे वर्ष में पदार्पण कर रहा है. मई 2013 में स्थापित होने के बाद से पिछले पाँच वर्षों में वह निरंतर सक्रिय रहा है. नए वर्ष की पहली साहित्यिक गोष्ठी रविवार दिनांक 20 मई 2018 को आयोजित की जा रही है जिसमें हमेशा की तरह काव्यपाठ तो होना ही है, उससे इतर कुछ विचार-विमर्श करने की परिकल्पना है. 

सभी सुधी-जन सादर आमंत्रित हैं. 

 - संयोजक

Comment Wall

Comment

RSVP for ओबीओ लखनऊ चैप्टर की मासिक गोष्ठी to add comments!

Join Open Books Online

Might attend (1)

Not Attending (1)

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"आदरणीय जी भविष्य के लिए  स्पष्ट हुआ ।हार्दिक आभार आदरणीय जी "
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .दीपावली
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी सृजन की समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दुओं का भविष्य…"
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ * ता-उम्र जिसने सत्य को देखा नहीं कभी मत उसको बोल पक्ष में बोला नहीं…See More
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, इस गजल को अभी तनिक और समय दिया जाना था.  सादर  "
19 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .दीपावली
"आदरणीय सुशील सरना जी,  दीप जले हर द्वार पर, जग में हो उजियार ...       …"
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,  तीर्थ जाना  हो  गया है सैर जबभक्ति का यूँ भाव जाता तैर…"
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"किसने कहा छंद स्वर आधारित 'ही' हैं। तब तो शब्दों के अशुद्ध उच्चारण करने वाले छांदसिक…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । स्पर्शों में…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय विजय निकोर जी, एक अरसे बाद आपकी कोई रचना पढ़ रहा हूँ. एकान्त और अकेलापन के बीच के अन्तर को…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"बात हुई कुछ इस तरह,  उनसे मेरी यार ।सिरहाने खामोशियाँ, टूटी सौ- सौ बार ।। ............ क्या…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"इस स्नेहिल अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी. "
Monday
vijay nikore posted a blog post

सुखद एकान्त है या है अकेलापन

तारों भरी रात, फैल रही चाँदनीइठलाता पवन, मतवाला पवनतरू तरु के पात-पात परउमढ़-उमढ़ रहा उल्लासमेरा मन…See More
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service