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मिथिलेश वामनकर's Discussions (7,388)

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"आदरणीय गिरिराज सर, वाह ... शानदार ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर दाद हाज़िर है- रात सहम…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर कबीर जी, इस लाजवाब ग़ज़ल पर शेर-दर-शेर दाद हाज़िर है- रुँध गया उनका गला अब…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुरेन्द्र जी, बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर पुनः उपस्थित होता हूँ. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय अशफ़ाक़ जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर पुनः उपस्थित होता हूँ. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय अरुण निगम सर, क्या खूब ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर पुनः उपस्थित होता हूँ. साद…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मनन जी, बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर पुनः उपस्थित होता हूँ. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह वाह शानदार ग़ज़ल कही है आपने. शेर-दर-शेर पुनः उपस्थित होता हूँ. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर कबीर जी, ऐसी कठिन रदीफ़ पर ऐसी शानदार ग़ज़ल से आयोजन का फीता काटने के लिए हा…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"यार शादी का है मतलब एक घर होने को है और वो घर आफतों की रहगुजर होने को है   रह गए हम…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 27, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य कार्यकारिणी

"हार्दिक आभार आपका "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-75 (डायमण्ड जुबली अंक) में प्रस्तुत रचनाएँ

56 Jan 26, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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