For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rana Pratap Singh's Discussions (2,359)

Discussions Replied To (2014) Replies Latest Activity

"अम्बरीश सर सराहना हेतु धन्यवाद|"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"लाजवाब कुंडलिया"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"आदरणीय गोपाल जी इतनी सुन्दर और भावमयी प्रस्तुति के लिए साधुवाद!!!!!"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"आदरणीय योगी सर इस याराना गज़ल के लिए ढेरों दाद कबूल कीजये, हर शेर मुकम्मल और काबिले…"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"गुरु जी, बहुत खूब|"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"Shamsi sahab, sundar gazal"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"सुन्दर और मार्मिक चित्रण| आधुनिक कृष्ण से और कैसी अपेक्षा की जा सकती है?"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"दोस्ती मैं बसे जन्नत दोस्ती में खुदा है.   गोपाल साहब ये भी बहुत खूब कही|"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"दिलों के तार बजने से ही अपनापन महकता है.. अम्बरीश सर बहुत सुन्दर|"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

"बेहतरीन, बेहतरीन, बेहतरीन इश्क़ की नज़्म उतार सजदे में खड़ा है .....! वाह तीनों नज…"

Rana Pratap Singh replied Apr 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ६ (Now Closed)

449 Apr 7, 2011
Reply by Admin

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
7 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
8 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
19 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Feb 8

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service