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इमरान खान's Discussions (790)

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"भाई नादिर खान साहब बहुत कामयाब ग़ज़ल कही अपने.. हो रही हैं साजिशों पे साजिशें दुश्मनो…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"भाई अतेन्द्र कुमार साहब गिरह का शेर और दीगर अशआर को अपने इनायत बख्शी, मेरी ग़ज़ल को इत…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"मोहतरमा राजेश कुमारी साहिबा आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई मसर्रतों का मकाम है मेरे लिए. ग़ज़ल…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"भाई दिगंबर साहब शेर के उलट फेर पर आपकी परखी नज़र पहुची, बेहद सुकूं मिल रहा है, 'कई अश…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"भाई बैद्यनाथ साहब तरही मिसरे को खास इनायत फरमाने और गजल को पसंद फरमाने का पुरखुलूस श…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"भाई सुरिंदर साहब आपका बेहद शुक्रिया"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"मुहतरम जनाब योगराज साहब आपकी दाद से मैं खुशियों के सातवें असमान पर होता हूँ. मेरी को…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"ग़ज़ल पसंद फरमाने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरमा कल्पना रामानी साहिबा."

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"भाई जीतेन्द्र गीत साहब आपको ग़ज़ल और शेर पसंद आये, आपका तहे दिल से शुक्रिया."

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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"आदरणीय सौरभ भाई, आपकी दाद आई तो मेरी कोशिश कामयाब हुयी ऐसा महसूस हो रहा है, आपको अशआ…"

इमरान खान replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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Admin posted a discussion

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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