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राज़ नवादवी's Discussions (490)

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"आदरणीय निलेश जी, आपकी हौसला अफज़ाई एवं दाद का दिल से शुक्रिया, ग़ज़ल में शिरकत करने का…"

राज़ नवादवी replied Sep 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ जी, ग़ज़ल में शिरकत एवं मुबारकबाद के लिए आपका हार्दिक आभार. आपकी…"

राज़ नवादवी replied Sep 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"प्यार की शर्त है ऐसी कि निभा भी न सकूँ और ग़म है कि उसे दिल से भुला भी न सकूँ   आतिशे…"

राज़ नवादवी replied Sep 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"आदरणीय समर साहब, तकलीफ के लिए तहेदिल से मुआफ़ी चाहता हूँ. और आपके बेशकीमती वक़्त के लि…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया सुनंदा जी, सुन्दर ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें. विशषकर ये दो…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर साहब, आपकी  इस्लाह के मुताबिक़ मतले  और मक़ते को दुरुस्त करने की कोशिश की ह…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आपका ह्रदय से आभार. सादर. "

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय  Nilesh Shevgaonkar साहब, आपने ग़ज़ल में शिरकत की और इसे पसंद किया, इसका दिल से…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"जनाब  Tasdiq Ahmed Khan साहब, आपके मशविरे का बहुत बहुत शुक्रिया. आपलोगों की संगत में…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर साहब, आपका जवाब पाकर दिल को सुकून मिला. अच्छा लगा आपकी बातें पढ़कर और आपको…"

राज़ नवादवी replied Aug 26, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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