For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिगंबर नासवा's Discussions (471)

Discussions Replied To (469) Replies Latest Activity

प्रधान संपादक

"शुक्रिया योग राज ... २५ शेरों की तलाश .. जैसे समुंदर से सीपियों की तलाश और आपने बहुत…"

दिगंबर नासवा replied Dec 22, 2010 to "OBO लाईव तरही मुशायरा-६" में मेरे पसंदीदा 25 शेअर

18 Dec 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

प्रधान संपादक

"योगराज जी ... आपकी ग़ज़ल नहीं आई ... ऐसा लगा जैसे कुछ कंमी रह गई है ... सब रचनाओं पर…"

दिगंबर नासवा replied Dec 19, 2010 to "OBO लाईव तरही मुशायरा-६" (एक रपट)

43 Dec 21, 2010
Reply by sanjiv verma 'salil'

सदस्य टीम प्रबंधन

"Bahut nayaab vichaar hai Arvind ji .... hakeekat likh di aapne ..."

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"वाह ... सतीश जी इस गैर मुर्दाफ ग़ज़ल ने मौसम बाँध दिया है ... लाजवाब ..."

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"शेखर जी ... लाजवाब शेर हैं सभी ... आनद आ गया ..."

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"कहने को कुछ भी बाकी नही रहा ... कहाँ काफियों की कमी क़ाहसूस कर रहे थे हम तो ... कहाँ…"

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"१२१ शेरों का सगन ... वाह आचार्य जी .. चाहिए तो था की हम आपको गुरु दक्षिणा दें पर आपन…"

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"सलिल जी आपका बहुत बहुत आभार ... आने ग़ज़ल को पसंद किया तो दिल में उर्जा सी भर आई ...."

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"है बेफ़िक्र मदमस्त झोंका हवा कावो सोलह बरस की कुँवारी मोहब्बत.. वीरेंद्र जी ... सुभा…"

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

सदस्य टीम प्रबंधन

"राकेश जी ... शिप की ग़लतियाँ तो उस्ताद बताएँगे ... पर आपके भाव बहुत बेहतरीन हैं ..."

दिगंबर नासवा replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
22 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
23 hours ago
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
yesterday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service