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मोहन बेगोवाल's Discussions (1,044)

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"आदरणीय नीलेश जी , गज़ल के सभी अश'आर बहुत सुंदर , खास करके गिरह का शे'र बहुत ही अच्छा…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

सदस्य टीम प्रबंधन

" आदरनीय राणा भाई ,मैनें चिह्नित मिसरों  को दरुस्त करने का प्रयास किया है,      जब बह…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 2, 2016 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 69 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

6 Jun 12, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय जी, किसी अति जरूरी काम होने से मैं इस का हिस्सा नहीं बन सका , जो बात आप जी ने…"

मोहन बेगोवाल replied May 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-14 (विषय: षडयंत्र)

1207 Jun 1, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"                                       षडयंत्र का भंडा फोड़  गाँव में एलेक्शन का बहुत…"

मोहन बेगोवाल replied May 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-14 (विषय: षडयंत्र)

1207 Jun 1, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"रचना दोबारा पोस्ट कर दी गई है जिंदगी  कब  है  रही इन के  लिए रात जिन को थी मिली द…"

मोहन बेगोवाल replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जिंदगी  कब  है  रही इन के  लिए रात जिन को थी मिली दिन के लिए   टूट  कर  अब  तो बिखर…"

मोहन बेगोवाल replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुनील जी, अच्छी ग़ज़ल कहने के लिए बधाई कुबूल करें "

मोहन बेगोवाल replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर कबीर जी, उस्तादी शायरी के लिए मुबारकबाद कुबूल करें "

मोहन बेगोवाल replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

" आदरणीय रिज़वान जी, ग़ज़ल कहने के लिए मुबारकबाद कुबूल करें "

मोहन बेगोवाल replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय निलेश जी, सुंदर ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद, खासकर पुछल्ले के लिए "

मोहन बेगोवाल replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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चौपाइयाँ

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"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
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