For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

विनय कुमार's Discussions (1,589)

Discussions Replied To (1553) Replies Latest Activity

"बहुत बढ़िया रचना, बाकी आ सुनील जी और डॉ संगीता गांधीजी की बातों को संज्ञान में लीजिये…"

विनय कुमार replied Feb 27, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"वाह, एक नए विषय को बहुत अछूते ढंग से उठाया है आपने, बहुत बढ़िया. इस रचना की केमेस्ट्र…"

विनय कुमार replied Feb 27, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"गोष्ठी का श्रीगणेश करने के लिए बधाई, बाकी गुणीजनों की बात का संज्ञान लीजिये. शुभकामन…"

विनय कुमार replied Feb 27, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"मनोरंजन--जंगल से गुजरते हुए उसकी निगाह सड़क के चारो तरफ घूम रही थी. प्रकृति के बीच रह…"

विनय कुमार replied Feb 27, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"वाह, वाह, गजब की कल्पना की है आपने आदरणीय योगराज सर, बहुत ही बढ़िया। असली इतिहास तो य…"

विनय कुमार replied Jan 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-34 (विषय: "इतिहास")

440 Jan 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"दुहराव—कम से कम अपनी एकलौती बेटी से उनको यह उम्मीद नहीं थी, आखिर उनके इस समृद्द राजन…"

विनय कुमार replied Jan 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-34 (विषय: "इतिहास")

440 Jan 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"इस सम्मान के लिए दिली मुबारकबाद मुहतरम जनाब समर कबीर साहब | "

विनय कुमार replied Jan 5, 2018 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"वाह, बहुत खूबसूरत लघुकथा प्रदत्त विषय पर, पढ़कर अच्छा लगा| शीर्षक चयन शानदार है और प्…"

विनय कुमार replied Dec 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)

405 Dec 30, 2017
Reply by Manan Kumar singh

"बेहतरीन रचना प्रदत्त विषय पर, बहुत बहुत बधाई आदरणीय तेज वीर सिंह जी"

विनय कुमार replied Dec 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)

405 Dec 30, 2017
Reply by Manan Kumar singh

"बहुत बढ़िया भावपूर्ण रचना प्रदत्त विषय पर, अंत बढ़िया है| बहुत बहुत बधाई आपको इस रचना…"

विनय कुमार replied Dec 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)

405 Dec 30, 2017
Reply by Manan Kumar singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service